कोरोना वायरस को लेकर अब स्कूलों में नामांकन के स्वरूप में भी बदलाव देखने को मिलेगा। निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों के पचीस फीसदी सीटों पर नामांकन को लेकर एक नए पोर्टल लॉन्च किए जाने की तैयारी चल रही है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत इस बार नया पोर्टल अपलोड किया जाएगा। पोर्टल में निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों की जानकारी अपलोड कराई जाएगी।
इस पोर्टल के माध्यम से जिले के निजी स्कूलों के एक किमी के दायरे में रहने वाले बीपीएल परिवार के अभिभावक अपने बच्चों को किसी भी संबंधित स्कूल में दाखिला दिलवा सकेंगे। नए पोर्टल में आवासीय प्रमाण पत्र का विकल्प भी होगा। बीपीएल परिवार के पास आवासीय प्रमाण पत्र नहीं होने की स्थिति में वह जिस घर में किराए पर रहता है, उसका वह किरायानामा पेश कर भी एडमिशन ले सकेगा। किराए नामे का सत्यापन संबंधित विभाग की ओर से कराया जाएगा। नए नियमों पर अमल के लिए संबंधित निबंधित स्कूलों को गाइडलाइन जारी की गई है।
पहली कक्षा में लिया जाएगा बच्चों का दाखिला
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गरीब व कमजोर वर्ग के अभिभावकों को अपने पास के निजी स्कूलों में पहली कक्षा में नियमानुसार तक पच्चीस फीसदी सीटों पर नामांकन का प्रावधान किया गया है। पहली क्लास को ही प्रवेश कक्षा माना जाएगा। दाखिले में दिव्यांग बच्चों को प्राथमिकता दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए भी स्कूलों को गाइडलाइन भेजी गई है। नए पोर्टल में यह सुविधा दी जाएगी।

नए आरटीई पोर्टल में मैप के हिसाब से स्कूल कहां हैं, इसका पता लग जाएगा। मैप में दर्शाए गए अक्षांश और देशांतर रेखाओं के हिसाब से निजी स्कूलों को अपने स्कूल का पता और नाम सहित अन्य विवरण भरना है। जिले के 50 से अधिक स्कूलों में करीब एक हजार सीटों पर गरीब बच्चों का नामांकन किया जाना है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि पोर्टल से नामांकन के लिए आवेदन की तैयारी चल रही है। विभागीय अनुमति मिलने तथा पोर्टल लॉन्च होने पर इसे जिले में लागू किया जाएगा। पोर्टल लांच होते ही उसका जिले में उपयोग शुरू कर दिया जाएगा।



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