मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए पाटलिपुत्र खेल परिसर में बनाए गए 100 बेड वाले कोविड-19 उपचार केंद्र को देखने के बाद कहा कि उपचार की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होने चाहिए। अभी मरीज हो या ना हो, सभी सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम रखे जाएं। वहां पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत ने सभी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 उपचार केन्द्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं रखें, ताकि इलाज में किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं आए।
लोगों का सही से इलाज हो सके। उपचार केंद्र पर दवाओं की उपलब्धता के साथ ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था भी हर हाल में रखें। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में बनाए गए कोविड-19 केयर सेंटर को देखने के बाद मुख्यमंत्री सीधे योगीपुर ड्रेनेज पंपिंग प्लांट पर पहुंचे। एनबीसीसी के संप हाउस से लौटकर मुख्यमंत्री अफसरों के साथ ही योगीपुर संप हाउस पहुंचे और फिर वहां से कार में बैठकर पहाड़ी संप हाउस के निरीक्षण के लिए रवाना हो गए।
वहां उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि बाईपास इलाके में कंकड़बाग की ओर पानी की अधिकता होने पर वैकल्पिक व्यवस्था कर इसे दूसरी तरफ के नाले में पहुंचाने की व्यवस्था कीजिए ताकि जलजमाव की स्थिति नहीं होने पाए। इसी तरह दूसरी तरफ भी जलनिकासी तेजी से हो, इसके लिए व्यवस्था होनी चाहिए।
अंतरराज्यीय बस अड्डे का तेजी से होगा निर्माण कार्य
पहाड़ी ड्रेनेज पंपिंग प्लांट पर ही मुख्यमंत्री ने बिहार शहरी आधारभूत ढांचा विकास निगम लिमिटेड की पत्रिका ‘मानसून-2020’ का लोकार्पण भी किया। वहां से उनका काफिला अंतरराज्यीय बस अड्डा की ओर बढ़ चला। नगर विकास सचिव उन्हें बस अड्डे का मॉडल दिखाया। निर्माणाधीन भवन का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा अब तो बरसात शुरू है। फिर भी काम में तेजी लाइए। आईएसबीटी तैयार हो जाने पर लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान मंत्री मंगल पांडेय, संजय झा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, प्रधान सचिव स्वास्थ्य उदय सिंह कुमावत, जल संसाधन सचिव संजीव हंस, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल सिंह और डभ्ढम् कुमार रवि समेत अनेक अधिकारी मौजूद थे।
कोरोना वायरस नेचुरल नहीं, चीनी उत्पाद पर्यावरण के लिए खतरा
विश्व में कोरोना संकट के लिए चीन को घेरते हुए सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस नेचुरल नहीं है क्योंकि इसका तापमान, मौसम और क्षेत्र से कोई संबंध नहीं है। सच्चाई जो भी हो, आम अवधारणा यही है कि दुनिया में कोरोना वायरस वुहान के बाॅयोलाॅजिकल लैब से ही निकला और कुछ ऐसा हुआ कि वह पूरे विश्व में फैला। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन से जो भी सामान अपने देश में आता है, उसके कारण पर्यावरण को भी संकट हो रहा है। खिलौने-इलेक्ट्राॅनिक आइटम भारतीय बाजार में भारी संख्या में बिक रहे हैं। खिलौनों में प्लास्टिक का बहुत ज्यादा प्रयोग होता है। यह इको फ्रेंडली भी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश आगे बढ़े, इसके लिए हम सब एकजुट हैं।
अगर चीन अपमानित कर रहा है तो इसे बर्दाश्त करने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री को निर्णय लेना है। प्रधानमंत्री जो फैसला लेंगे, हम सभी उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री ने गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों के प्रति जदयू की ओर से श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि शहीद होने वाले 20 जवानों में से 5 जवान बिहार के थे। राज्य सरकार अपनी तरफ से शहीदों के सम्मान में उनके परिवार के लिये हरसंभव मदद कर रही है। पूरे देश में इस घटना से आक्रोश है।
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