राजधानी के 2.39 लाख मकान मालिकों पर बढ़े होल्डिंग टैक्स का भार पड़ने वाला है। होल्डिंग टैक्स के साथ-साथ गार्बेज कलेक्शन टैक्स भी वसूला जाएगा। वित्तीय वर्ष 2020-21 से ही बढ़ोतरी का असर दिखेगा। पहले चरण में नगर निगम ने पंजीकृत मकानों को टारगेट पर रखा है। सामान्य मकानों के लिए मासिक 30 रुपए कचरा संग्रहण शुल्क निर्धारित है। व्यवसायिक भवन, विवाह भवन और अन्य संस्थानों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं।

नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति ने होल्डिंग टैक्स के साथ ही कचरा संग्रहण शुल्क की वसूली के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा ने बताया कि प्राथमिक चरण में निगम में पंजीकृत मकानों को ही इस दायरे में लाने की योजना है। पहले चरण में मकान मालिकों को गार्बेज कलेक्शन टैक्स के दायरे में लाने के बाद उन मकानों में रहने वाले किराएदारों से भी टैक्स लिया जाएगा। होल्डिंग टैक्स के साथ गार्बेज कलेक्शन टैक्स को मिलाकर वसूली से निगम प्रशासन को करीब 12 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है।
राजधानी में करीब 4.5 लाख होल्डिंग होने के मामले पर नगर आयुक्त ने कहा कि बचे होल्डिंग को होल्डिंग टैक्स के दायरे में लाने के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद उन्हें भी इस दायरे में लाया जाएगा। आयुक्त बोले-कोरोना संकट के कारण सभी कर्मचारियों को 4500 रुपए का बोनस देने का निर्णय लिया गया है। यह जून माह के वेतन में जोड़कर दिया जाएगा।

कचरा संग्रहण शुल्ककी मासिक दर

  • आवासीय भवन : 30 रु./किचेन
  • दुकान : 100 रुपए
  • रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, होटल : 500 रुपए
  • स्टार होटल : 5000 रुपए
  • व्यवसायिक कार्यालय, सरकारी कार्यालय, बैंक, बीमा कार्यालय, कोचिंग, शिक्षण संस्थान : 500 रुपए
  • क्लिनिक, डिस्पेंसरी : 250 रुपए
  • क्लिनिक (50 बेड तक) : 1500 रु.
  • क्लिनिक (50 से ऊपर) : 3000 रु.
  • छोटे व मध्यम उद्योग : 500 रुपए
  • गोदाम, कोल्ड स्टोरेज : 1000 रु.
  • मैरेज हॉल, फेस्टिवल हॉल, एक्जीबिशन, ट्रेड फेयर : 2500 रु.
  • गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वालों के घर, स्ट्रीट वेंडर और धार्मिक स्थलों को गार्बेज कलेक्शन टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है।)


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गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वालों के घर, स्ट्रीट वेंडर और धार्मिक स्थलों को गार्बेज कलेक्शन टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है।

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