जिले में कोरोना वायरस का संक्रमण सामुदायिक स्तर पर लगातार बढ़ती जा रही है। जिसके कारण स्वस्थ विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, जिला प्रशासन संक्रमण से बचाव को लेकर जिले भर में रोको टोको अभियान चला रही हैं। कोरोना अनलॉक 2 में छूट तो दे दी गईं है लेकिन बढ़ते संक्रमण को लेकर धर्म से जुड़ी चीजों के साथ-साथ भीड़-भाड़ वाले जगह पर किसी भी प्रकार के आयोजन पर प्रतिबंध जारी है।

ऐसे में कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिले में प्रशासन ने सावन महीने में शिव मंदिरों के अंदर जलाभिषेक पर रोक लगा दी है। डीपीआरओ सत्येंद्र प्रसाद ने बताया कि बिहार सरकार के गृह विभाग के निर्देश के आलोक में डीएम के द्वारा सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं किसी प्रकार के भीड़ या समूह में होने वाले आयोजन पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार के द्वारा सभी परिस्थितियों पर विचार कर सभी शिव मंदिर में सावन मेला, कांवर यात्रा, जलाभिषेक आदि को 4 अगस्त तक पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि कोरोना जैसी महामारी से अपने और अपने परिवार को बचाने तथा सर्वधर्म समभाव के आदर्श एवं मानव धर्म का पालन करते हुए अपने घरों में ही रह कर भगवान की अराधना व पूजा पाठ करेंगे।
आज से सावन महीना का हो रहा शुभारंभ
6 जुलाई से सावन महीना का शुरू होने जा रहा है। गौरतलब हो कि भगवान शिव का पवित्र माह सावन माह का सोमवार से शुरू हो रहा। माना जाता है कि शिवालयों सहित शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ भगवान शिव की वैसे तो देवों के देव भोलेनाथ हर समय ही अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं और थोड़ी सी भक्ति में ही अपने भक्तों से प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन ऐसे में कोरोना वायरस के मद्देनजर जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। सावन के पवित्र महीने में शिव मंदिरों में जलाभिषेक नहीं होगा। वहीं, जिले की शिव मंदिरों में प्रशासन ने पूजा-अर्चना पर भी रोक लगा दी है। प्रशासन की ओर से जिलेवासियों को घर में ही पूजा करने की सलाह दी गई है। मंदिरों में किसी भी प्रकार के विशिष्ट आयोजन आयोजित नहीं किए जाएंगे।



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