बेनीपट्टी प्रखंड क्षेत्र के पश्चिमी भू-भाग के करीब डेढ़ दर्जन गांवों में बाढ़ से स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। हालांकि बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे कम रहा है। परंतु, बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों की मुसीबतें विगत शनिवार की देर रात से हो रही झमाझम बारिश ने और बढ़ाकर रख दी है।
इधर, बेनीपट्टी के एसडीएम मुकेश रंजन के अथक प्रयास से शिवनगर से फुलबरिया जानेवाली सड़क के माधोपुर गांव के निकट निर्माणाधीन उच्चस्तरीय पुल के बाढ़ के पानी में डूबे डायवर्सन पर नाव का परिचालन शुरू हो गया है। जबकि सोइली से गुलरियाटोल व करहरा जानेवाली बाढ़ के पानी में डूबी सड़क पर नाव का परिचालन पहले से ही हो रहा है। बर्री, फुलबरिया, रजघट्टा, बिशनपुर, सोहरौल आदि गांवों में बाढ़ के पानी की तेज धारा में सड़कें टूटकर बह जाने के कारण आवागमन बाधित पड़ा हुआ है।
5 दिन से पानी में बाढ़ के पानी डूबा है डायवर्सन
बेनीपट्टी-मधवापुर पीडब्लूडी मुख्य पथ के उच्चैठ व मलहामोड़ के मध्य स्थित पिछले करीब पांच वर्षों से निर्माणाधीन पुल के पिछले पांच दिनों से बाढ़ के पानी में डूबे डायवर्सन पर अब तक नाव का परिचालन शुरू नहीं होने से आवागमन पूर्णतया ठप है। बसों सहित अन्य भारी वाहनों को छोड़कर छोटे वाहनों, साइकिल व पांव-पैदल लोगों का परिचालन बेहटा गांधी चौक से जगत गांव होते हुए उच्चैठ तक हो रहा है। बेतौना-सोहरौल सड़क बाढ़ के पानी में डूब गई है और आवागमन बाधित पड़ा है। प्रखंड के बर्री, रजबा, धनुषी, नवगाछी, रजघट्टा, हथियरबा, चानपुरा पश्चिम, फुलबरिया, सहदिया, सिमरकोण, बिशनपुर, खसियाघाट, करहरा, समदा, सोहरौल, बिरदीपुर, माधोपुर आदि गांवों में बाढ़ के कारण अभी भी लोगों का जन-जीवन अस्त-व्यस्त बना हुआ है।
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