प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत जिले को 324.22 करोड़ रुपए का बजट मिला है। जिसमें अब तक 44 .5 5 करोड़ रुपए ही खर्च किए जा सके हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को काम दिलाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। जिसमें पौधारोपण, आहार, पोखर व सामुदायिक शौचालय की खुदाई सहित कई योजनाएं शामिल हैं। योजना के तहत । लक्ष्य के अनुरूप मानव दिवस के सीजन में सभी विभाग फिसड्डी हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अभियान के तहत जिले में संचालित योजनाओं के समीक्षा के दौरान डॉ नवल किशोर चौधरी द्वारा निर्देशित किया गया है कि रोजगार का सृजन करते हुए प्रवासी मजदूरों को भी काम दिलाया जाए।

इस संबंध में उप विकास आयुक्त कृष्ण प्रसाद गुप्ता ने बताया कि योजना से जुड़े सभी विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत स्थानीय स्तर पर कई विभागों को रोजगार सृजन करते हुए मजदूरों को काम दिलाना है। मनरेगा सहित कई विभागों में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत मजदूरों को काम मिलेगा। जिला स्तर पर डीएम द्वारा लगातार इसकी समीक्षा की जा रही है। संबंधित विभागों के अफसरों को इस कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत कई योजनाओं पर काम शुरू किया जाना है।

नही बिछा फाइबर केबल

जबकि दो पंचायतों में हॉटस्पॉट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जानी थी। यही नहीं विभाग को 140 किलोमीटर फाइबर केबल बिछाने का लक्ष्य दिया गया था। विभाग द्वारा समीक्षा के दौरान बताया गया कि लक्ष्य के आलोक में 124 किलोमीटर फाइबर केबल बिछाया जा चुका है। इसके अलावा पीएम गरीब कल्याण योजना के दौरान यह सामने आया है कि अभी भी कुछ विभागों की प्रगति सुनने चल रही है।

प्रवासी मजदूरों को देना है काम

प्रवासी मजदूरों और कामगारों को जोड़ने का निर्देश दिया गया है। योजना के तहत मनरेगा के मुर्गी सेड, वर्मी कंपोस्ट बनाने का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 325 सामुदायिक शौचालय के निर्माण में पांच सामुदायिक शौचालय जियो टैगिंग किया जा चुका है। योजना के तहत 125 दिन प्रत्येक प्रवासी मजदूरों को। काम दिया जाएगा। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है।

वाई फाई की सुविधा नही हुई बहाल

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत जिले में सरकार के स्तर से बारह पंचायतों में वाईफाई की सुविधा बहाल करने के लिए दूरसंचार विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बावजूद एक भी पंचायत को भारत दूरसंचार निगम लिमिटेड द्वारा वाईफाई से नहीं जोड़ा गया है। विभाग द्वारा बताया गया कि राउटर के अभाव में पंचायतों को वाईफाई से नहीं जोड़ा जा सका है।

विभागों को दिया गया निर्देश

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना लक्ष्य से आगे चल रहा है जानकारी के अनुसार पंचायती राज विभाग द्वारा 26 पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लक्ष्य की प्रगति शून्य है। इसी तरह संचार विभाग रेलवे तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित आधा दर्जन विभागों को सरकारी स्तर से की गई उक्त योजना की समीक्षा के दौरान विभागों की प्रगति शून्य है। योजना के शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए अफसरों को निर्देशित किया गया है।



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Department is slowing down in providing employment to migrants under Garib Kalyan Yojana

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