मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर मृत पड़ी अरबिना खातून के मामले की सुनवाई करते हुए पटना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से उन तमाम गाइडलाइन, आदेश व नीतियों की जानकारी मांगी है, जो लॉकडाउन के दौरान जारी हुए। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए बुधवार को यह निर्देश दिया।
25 मई को मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर अरबिना खातून की बॉडी रखी थी। उसका छोटा बच्चा, मां की कफन को आंचल समझकर खेल रहा था; उसे सोता हुआ मानकर उठाने की कोशिश कर रहा था। कटिहार की रहने वाली अरबिना श्रमिक स्पेशल से गुजरात से घर आ रही थी। रास्ते में उसकी मौत हो गई। उसकी बॉडी मुजफ्फरपुर स्टेशन पर उतार दी गई थी। बहरहाल, इस दर्दनाक घटना का वायरल वीडियो व अखबारों में छपी खबर का हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया।
इसे जनहित के मामले में तब्दील कर सुनवाई शुरु की। बुधवार की सुनवाई के दौरान इस मामले के कोर्ट मित्र आशीष गिरी ने कोर्ट को बताया कि आपदा प्रबंधन कानून के तहत केंद्र व राज्य सरकार नीतियां तैयार कर आदेश जारी करती रहती हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार से इन्हीं नीतियों के संबंध में ब्योरा तलब किया। इस मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी।
फल्गु नदी के प्रदूषण पर जवाब तलब
धार्मिक व ऐतिहासिक शहर गया में बहने वाली फल्गु नदी के प्रदूषण के मामले में दायर पीआईएल पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस संजय करोल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने प्रतिज्ञा नामक सामाजिक संस्था की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को यह निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि गया और बोधगया में बुनियादी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसा तब है, जबकि इन दोनों स्थानों का अंतरराष्ट्रीय धार्मिक महत्व है, ये पर्यटन स्थल के रूप में विख्यात हैं। कोर्ट ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए राज्य सरकार और गया नगर निगम को जवाब देने का निर्देश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी।
पैदल आवाजाही के लिए रास्ता छोड़ने का आदेश
हाईकोर्ट ने रूपसपुर नहर के पश्चिमी बांध पर बन रही सड़क से दो वकीलों को उनके घर तक पैदल आवाजाही के लिए रास्ता देने के लिए राज्य सरकार व निर्माण कम्पनी को कहा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ पैदल चलने लायक रास्ता छोड़ना है, चारपहिया वाहन के लिए नहीं। चीफ जस्टिस संजय करोल की खण्डपीठ ने राघवेंद्र कुमार सिंह एवं ओम प्रकाश राय की रिट याचिका को निष्पादित करते हुए यह आदेश दिया।
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