गरीबों का समय पर मकान उपलब्ध कराने के लिए नया फाॅर्मूला बनाया गया है। मामला प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का है। पिछले दिनों 22 जिलों ने अल्पसंख्यक और अन्य श्रेणियों के 60 हजार मकान सरेंडर कर दिया था। जिलों द्वारा मकानों का पैसा सरेंडर किए जाने से बचाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने पूरी कवायद की है। इसी के बाद विभाग ने सरेंडर हुए मकानों का लक्ष्य गया, जमुई, सीतामढ़ी, अररिया, बांका, दरभंगा, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, पूर्णिया और वैशाली को सौंप दिया है।
इसी के साथ विभाग द्वारा जिलों को वर्ष 2019-20 के लिए 1302259 मकानों की सूची फिर से भेजी गई है। बिहार को वर्ष 2016-17 से 2020-21 तक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 32 लाख 97 हजार 271 आवासों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसमें वर्ष 2016-17 और 2017-18 में समेकित रूप से 1176617 मकान, वर्ष 2019-20 में 1302259 मकान और वर्ष 2020-21 में 806698 मकानों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
नई व्यवस्था
पंचायताें में किसी खास श्रेणी के लाभुक के नहीं होने पर उस श्रेणी के मकान का टारगेट प्रखंड स्तर पर जोड़ दिया जाएगा। प्रखंड में ऐसी स्थिति होने पर टारगेट संबंधित जिले में और जिले में भी यही स्थिति हो तो लक्ष्य को राज्य स्तर पर जोड़कर दूसरे जिलों को आवंटन किया जाएगा।
जिला को तेजी से काम करने का आदेश: श्रवण कुमार
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सभी जिलों मकानों की सूची देकर को तेजी से काम कराने का आदेश दिया गया है, ताकि गरीबों को समय पर मकान उपलब्ध हो सके। अब वैसे ग्रामीण गृहविहीन परिवारों को मकान उपलब्ध कराने की तैयारी हो रही है, जिनके नाम सामाजिक, आर्थिक व जातीय जनगणना, 2011 की गृह विहीन परिवारों की सूची में छूट गए हैं।
आवास एप पर डाला जा रहा विवरण
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत बिहार में चयनित परिवारों का पूरा ब्योरा आवास एप प्लस पर डाला जा रहा है। सरकार ने ऐसे 32 लाख 86 हजार परिवारों को चिह्नित कर इनका विवरण अपलोड कर दिया है। साथ ही केंद्र सरकार से इन परिवारों के लिए भी गृह निर्माण सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस केंद्र ने स्थायी प्राथमिकता सूची के लाभुकों को आवास सहायता उपलब्ध कराने के बाद आवास एप प्लस के परिवारों को भी सहायता देने पर सहमति दे दी है।
फिलहाल केंद्र ने जांच के बाद 3257990 परिवारों के लिए मकान की अनुमति दी है। ग्रामीण विकास विभाग ने मकानों को जल्द पूरा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। बिहार के अधिकारियों को सभी मकानों की आधार सिडिंग कराने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा जैसे-जैस मकान का काम पूरा होते जाए, उसकी किस्त का भुगतान कर दिया जाए। ज्ञात हो कि सरकार मकान की राशि तीन किस्तों में देती है। यह राशि मकान के काम के आधार पर दिया जाता है।
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