राजधानी में रुक-रुक हो रही बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लगातार हल्की बारिश से जलजमाव जैसी स्थिति तो उत्पन्न नहीं हो रही है, लेकिन जिन इलाकों में पानी पहले से जमा है, वहां पर अब भी स्थिति में सुधार नहीं है। नमामि गंगे परियोजना, गैस पाइपलाइन योजना आदि के लिए कई जगहाें पर शहर की सड़कों को खोदा गया है।
इन सड़कों को कच्चा पाटकर रिस्टोर करने का दावा किया गया। इन सड़काें पर बने गड्ढे हल्की बारिश के बाद मुसीबत बन रहे हैं। जिन इलाकों में सड़कों पर खुदाई की गई है, वहां स्थिति अधिक खराब है। इन मामलों की लगातार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। नगर निगम के स्तर पर जलजमाव को दूर करने का सिर्फ दावा किया जा रहा है।
शिवनगर कॉलोनी में करीब तीन फीट तक अब भी जमा है पानी
बेउर के शिवनगर कॉलोनी में अब भी करीब तीन फीट तक पानी जमा है। स्थानीय ओमप्रकाश ने बताया कि करीब एक सप्ताह से पानी इसी प्रकार जमा है। बारिश होने पर पानी का लेबल बढ़ जाता है, लेकिन इसे निकालने की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
बाइपास : दो फीट तक जमा पानी
यही स्थिति बाइपास रोड से हरनीचक माेहल्ला में प्रवेश करते ही दिखती है। वहां करीब दो फीट तक पानी जमा है। सड़क पर पानी जमा होने से काफी दूर तक सड़क खराब हो गई है। इसके अलावा माेहल्ले में सीवरेज लाइन बिछाने के कारण हरनीचक माेहल्ले व हरनीचक-बेउर अखाड़ा रोड की हालत जर्जर हो गई है। बारिश के पानी के कारण सड़क पर कीचड़ फैल गया है।
सड़क खोदे जाने से हालत खराब
वार्ड 30 के ज्योतिष पथ का हाल बुरा है। पानी निकालने के लिए सड़क काट दी गई है। बुधवार को यहां पर एक स्काॅर्पियाे गड्ढे में फंस गई। बड़ी मशक्कत के बाद उसे निकाला जा सका। लोगों का कहना है कि जलजमाव से राहत तो नहीं मिली, उल्टे सड़क कटने से परेशानी बढ़ गई।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
إرسال تعليق