आशा व आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका मिलकर क्षेत्र के बीमार व्यक्तियों को चिन्हित करेंगी।इसकी रिपोर्ट निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों को भी उपलब्ध कराएंगे। इसकी जानकारी विभागीय पदाधिकारियो को भी देंगी। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा 0 से 5 साल तक के बच्चों की सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की गई है।
इनकी नियमित मॉनिटरिंग सेविका करेंगी। इस संदर्भ के दिशा निर्देश बाल विकास निदेशालय ने विभाग को दिया है। विभाग के अधिकारीक जानकारी के मुताबिक आशा कार्यकर्ताओं व सेविकाओं द्वारा पोषक क्षेत्र में दूसरे राज्यों से आए प्रवासियों को चिन्हित कर सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई थी। जिनके जरिए कहा गया था कि ऐसे प्रवासियों में किसी तरह की कोरोना के लक्षण दिखने पर विभाग को रिपोर्ट करेंगी।
तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी कोरोना के लक्षण
कोरोना संक्रमण के लक्षणों को भी आशा कार्यकर्ताओं सेविकाओं को विस्तार से बताया गया है। बताया गया है कि तेज बुखार सर्दी खांसी और सांस लेने में परेशानी कोरोना के लक्षण है। इसके अलावा भी अन्य नए लक्षणों को भी कोरोना के संक्रमण से जोड़ा गया है। जिस की जानकारी आशा व सेविकाओं को दी गई है। ऐसे लक्षणों वाले लोगों की नियमित मॉनिटरिंग के जरिए चिन्हित किए जाएंगे। प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सविता कुमारी ने बताया कि निदेशालय के निर्देश के मुताबिक सभी बाल विकास परियोजनाओं की पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। सेविका व आशा कार्यकर्ता पोषक क्षेत्र में ऐसे लोगों को चिन्हित कर रिपोर्ट करेंगी।
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