कोरोना वैश्विक महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बचाव को लेकर शुरुआत लॉकडाउन से ही रामपुर प्रखंड क्षेत्र के विद्यालय का संचालन बंद है। बच्चे व छात्र का विद्यालय में पठन-पाठन भी बंद है और बच्चे घर पर ही रह रहे हैं। बच्चों का पढ़ाई लिखाई बंद होने कारण दिन भर इधर-उधर घूमते,खेलते नजर आते हैं। कई बच्चे इस लॉक डाउन में घर पर अच्छे गुर सीख रहे है। एक ऐसा तस्वीर सामने आया है।
जहां बच्चे के हाथों में किताब कॉपी होनी चाहिए।पढ़ाई लिखाई की जगह नौनिहाल बच्चे खेती के गुर सीख रहे हैं।तस्वीरों को देखने से पता चलता है ये बच्चें कैसे खेती के मौसम धान की रोपनी होती है उसे अपने हाथों से कर रहे है। क्योंकि रामपुर प्रखंड क्षेत्र पहाड़ी व मैदानी भाग है। जहां खेती बाड़ी भी सभी प्रकार की फसलों की होती है।
गड्ढा नुमा जगह पर बारिश के बाद पानी भर गया है
यहां मजदूर वर्ग के लोग ज्यादातर है। जो किसानों की खेतों में जाकर इन दिनों धान की रोपनी,बिचड़ा कबारने सहित कई कामों में महिला व पुरुष लगे हुए है। इनके बच्चें भी अपने माता पिता को देखकर छोटी अवस्था में मजदूरी कार्य करने लग जाते है। दरअसल यह तस्वीर रामपुर प्रखंड के पानापुर गांव के पास की है। जहां एक छोटे से सड़क के किनारे गड्ढा नुमा जगह पर बारिश के बाद पानी भर गया है। जहां महादलित बस्ती की तीन चार बच्चियां धान का बिचड़ा लेकर रोपनी करते हुए दिखाई दी। ऐसे लगता है कि जैसे अभी से ही खेती बाड़ी के गुर सीखने के लिए ललक है।
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