ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने क्षेत्रीय भेदभाव का मामला उठाते हुए वन नेशन वन टैरिफ की मांग की है। देश के ऊर्जा मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने प्रस्तावित विद्युत अधिनियम का भी कड़ा विरोध किया। इसे उन्होंने राज्यों के अधिकार का अतिक्रमण भी बताया। उन्होंने कहा की बिजली समवर्ती सूची में है, लिहाजा राज्य सरकार से भी परामर्श आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में राज्य की शक्ति पूरी तरह खत्म करना उचित नहीं। उन्होंने डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी पर भी आपत्ति की।
मंत्री ने बिजली शुल्क को लेकर राष्ट्रीय नीति बनाने को समय की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे की तरह बिजली का रेट भी पूरे देश में एक हो। जब रेलवे पूरे देश के लिए एक शुल्क वसूल सकता है तो एनटीपीसी क्यों नहीं। उन्होंने पूर्वी क्षेत्र के साथ भेदभाव का भी आरोप लगाया और कहा कि एनटीपीसी के 47 में से 13 पूर्वी क्षेत्र में है और सबका रेट अलग-अलग है। औसतन यहां चार रुपए प्रति यूनिट रेट पड़ता है। बाहर के राज्यों में यह दर ढाई से साढे तीन रुपए के बीच है। इससे क्षेत्रीय आधार पर भेदभाव बढ़ता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Post a Comment