(माे. सिकन्दर) न कहीं हिंसक झड़प, न कहीं वाेट बहिष्कार। बिक्रम विधानसभा क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्ण रहा। बूथाें पर सुबह से ही मतदाताओं की कतार लगी थी। काेराेना से बचाव काे लेकर सभी उपाय किए गए थे, लेकिन ज्यादातर बूथाें पर सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ीं। अख्तियारपुर बूथ पर दाे गुटाें में मारपीट के बाद पुलिस फाैरन पहुंच गई।
इस दाैरान पुलिस ने इस बूथ के एक पाेलिंग एजेंट काे इसलिए पकड़ लिया कि वह बूथ से बाहर था और वाेटराें काे लाने गया था। सरमा भदसरा में तीन लाेगाें काे हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में छाेड़ दिया गया। अंतिम एक घंटे का समय काेराेना मरीजाें के लिए रखा गया था, पर किसी भी बूथ पर एक भी काेराेना मरीज नहीं आया। बरार बूथ नंबर 49 और अन्य दाे बूथाें पर ईवीएम की खराबी का शिकायत आई।
80 साल की वृद्ध और पैर से लाचार वाेटर भी पहुंचे
महमदपुर के बूथ नंबर 102 पर 80 साल की झुककर चलने वाली पनपती देवी लाठी लेकर करीबी परिजन के साथ वाेट देने पहुंच गईं। उन्हें लाइन में नहीं लगाया गया। उन्हाेंने कहा-जब भी चुनाव हाेता है, वाेट देती हूं। नाैबतपुर की चर्रा पंचायत के अजवां गांव के वार्ड 14 की सदस्य गुड़िया देवी पैर से लाचार पति शैलेश कुमार काे व्हील चेयर पर बैठाकर परिवार के साथ वाेट देने पहुंचीं। शैलेश ने कहा-पैर से चलने से मजबूर थे, पर वाेट देना जरूरी था। कहा- मेरा वाेट उसी काे गया जाे कुछ काम करेगा।
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