प्रचार के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव समेत तमाम नेता आ गए और गया की तस्वीर व तकदीर बदलने की घोषणा भी कर चुके हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आने वाले हैं, लेकिन तस्वीर वायदों और घोषणाओं से नहीं, संकल्प शक्ति से बदलेगी। आज गया को माउंटेन मैन दशरथ मांझी जैसे ‘संकल्प’ की जरूरत है।
गया ज्ञान व मोक्ष की नगरी है। महात्मा बुद्ध को आत्मज्ञान यहीं मिला और भगवान राम अपने पूर्वजों के तर्पण के लिए यही फल्गु नदी के किनारे आए, लेकिन समय के कालखंड ने इस पहचान को नक्सली हिंसा से खंडित किया और लंबे समय तक यह इलाका इससे अभिशप्त रहा। समय बदला और गया अब नई पहचान को लेकर बदलाव के मोड़ पर खड़ा है।
शिक्षा के दो नए सेंटर-आईआईएम और केंद्रीय विश्वविद्यालय बने हैं। जबकि ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी के सैन्य अधिकारी भारतीय सेना में अपनी पहचान बना रहे हैं। यातायात के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी अब गतिमान है, लेकिन इन सबके बीच गया स्टेशन के पास मां बगलामुखी मंदिर के पास मिले छात्र सौरभ कहते हैं कि ठीक है.. विकास हुआ, बदलाव हुए, लेकिन आम आदमी के जीवन में ज्यादा कुछ नहीं बदला।
शहर की तंग गलियां, गंदगी इसे कौन बदलेगा। चुनाव है तो बहुत बात हो रही है, लेकिन विकास या बदलाव पर नहीं। लोग जाति पर वोट देते हैं। जब विकास मुद्दा बनेगा तभी वास्तविक लोकतंत्र आएगा। 28 अक्टूबर को हो रहे मतदान को लेकर अब सरगर्मी बढ़ गई है। कोरोना काल में हो रहे इस चुनाव में बिहार की पहली वास्तविक रैली गया में हुई।
भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संबोधित किया। इसके बाद गया के दस विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले चुनाव में मुख्यमंत्री नेनीतीश कुमार और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की कई सभाएं हो चुकी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी गया आना प्रस्तावित है।
मोदी-नीतीश के सहारे जोर लगा रहे मांझी
नवादा से गया आने के क्रम में वजीरगंज में पड़ने वाले एरो गांव के निवासी अखिलेश सिंह कहते हैं कि पूर्व विधायक तो पांच साल में एक बार भी नहीं दिखे, जबकि इससे पहले पांच बार विधायक चुने गए थे। मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही होगा। जबकि बोधगया में बोधि मंदिर के पास दुकानदार सुरेश पासवान कहते हैं कि मांझी और सर्वजीत में मुकाबला होगा। कोरोना से मुक्ति मिले। सर! सबकुछ बंद है।
कैसे चलेगा काम? मंदिर बंद है। विदेशी टूरिस्ट नहीं आ रहे हैं। बोधगया से आगे डोभी में पवन कहते हैं कि इमामगंज में मांझी जी की नैया भंवर में है। नीतीश और नरेंद्र मोदी के सहारे मांझी जोर लगा रहे हैं। पिछली बार तो मांझी ने उदय नारायण चौधरी को हराया था। पवन कहते हैं कि यह सही है कि दस विधानसभा क्षेत्रों में फैले इस इलाके में बदलाव हो रहे हैं। विकास के कुछ दीप दिख रहे हैं, लेकिन बाराचट्टी, इमामगंज, शेरघाटी और सुदूर इलाकों को बदलने के लिए दशरथ मांझी की जरूरत है।
राजग-महागठबंधन दोनों का जिले की पांच-पांच सीटों पर कब्जा
उग्रवादग्रस्त इलाके के मद्देनजर जिले के अधिसंख्य विधानसभा क्षेत्र को संवेदनशील माना गया है। गठबंधन के दृष्टिकोण से वर्तमान में राजग का पांच और महागठबंधन का भी पांच सीटों पर कब्जा है। राजग में जदयू के दो, भाजपा के दो और हम का एक विधायक है। जबकि महागठबंधन में राजद के पास चार और कांग्रेस के पास एक सीट है। इस चुनाव में महागठबंधन की ओर से राजद सात और कांग्रेस तीन सीटों पर लड़ रही है। जबकि एनडीए की ओर से भाजपा चार, जदयू तीन और हम तीन सीटों पर मैदान में है।
वजीरगंज: यहां कांग्रेस ने पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक अवधेश कुमार सिंह के बेटे को यहां अपना उम्मीदवार बनाया है। जबकि राजग की ओर से भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह हैं। यहां से निर्दलीय के रूप में पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ. शीतल प्रसाद यादव चुनाव लड़ रहे हैं। छोटे दलों के भूमिहार प्रत्याशी एनडीए तो निर्दलीय डॉ. शीतल प्रसाद कांग्रेस के लिए परेशानी का सबब बने हैं।
अतरी : अतरी में राजद ने विधायक कुंती देवी की जगह उनके पुत्र अजय को मैदान में उतारा है। जदयू से मनोरमा देवी मैदान में हैं। यहां सीधी टक्कर के आसार हैं। लोजपा ने भी अपने पुराने प्रत्याशी अरविंद सिंह को मैदान में उतारा है। गत चुनाव में लोजपा तीसरे स्थान पर रही थी।
गया शहरी : विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के मंत्री प्रेम कुमार और कांग्रेस के अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव के बीच सीधा मुकाबला है। प्रेम कुमार इस क्षेत्र से लगातार सात बार चुनाव जीत चुके हैं।
बोधगया (सुरक्षित) : बोधगया सीट पर भाजपा-राजद में सीधा मुकाबला को रालोसपा प्रत्याशी अजय पासवान त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं। यहां से भाजपा ने निवर्तमान सांसद हरि मांझी को प्रत्याशी बनाया है। जबकि राजद से विधायक सर्वजीत कुमार हैं।
इमामगंज (सुरक्षित) : इमामगंज में पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की प्रतिष्ठा दांव पर है। गत चुनाव में मांझी ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी को हराया था। चौधरी राजद के प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। इमामगंज में चौधरी और मांझी के बीच कड़ा संघर्ष होगा।
टिकारी : टिकारी में एनडीए ने हम प्रत्याशी के रूप में पूर्वमंत्री अनिल कुमार को मैदान में उतारा है। कांग्रेस प्रत्याशी सुमंत कुमार हैं। इधर कई बार से विधायक रहे शिव वचन यादव ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। लोजपा ने पूर्व जिलाध्यक्ष शोभा सिन्हा को मैदान में उतारा है।
शेरघाटी : राजद ने मंजू अग्रवाल और जदयू ने विनोद यादव को मैदान में उतारा है। इस क्षेत्र में लोजपा प्रत्याशी सुरेश कुमार यादव उर्फ भगत यादव मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।
बाराचट्टी: राजद और हम के बीच सीधा मुकाबला है। दोनों दलों से महिला प्रत्याशी ही मैदान में हैं। राजद से समता देवी, तो हम से जीतन राम मांझी की समधिन ज्योति देवी मैदान में हैं।
बेलागंज : बेलागंज में भी राजद और जदयू के बीच सीधा मुकाबला है। राजग से वर्तमान विधायक सुरेंद्र यादव जबकि जदयू से अभय कुशवाहा मैदान में हैं।
गुरुआ : गुरुआ में राजद के विनय यादव औऱ् भाजपा के राजीव नंदन दांगी के बीच कड़ा संघर्ष है। भाजपा ने अपने निवर्तमान विधायक को ही मैदान में उतारा है।
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