कोरोना काल में हो रहे बिहार चुनाव में पार्टी और प्रत्याशी दोनों वोटरों तक पहुंचने के लिए वर्चुअल तरीका अख्तियार कर रहे हैं। ऐसे में इसके दुरुपयोग की भी संभावनाएं बढ़ी हैं। सोशल मीडिया पर निगाह रखने के लिए निर्वाचन विभाग ने मीडिया सर्टिफिकेशन मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मिथिलेश कुमार साहू की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एमसीएमसी बनाई गई है।

इसमें एडीएम पटना, सूचना जनसंपर्क विभाग के आईटी मैनेजर, दूरदर्शन के निदेशक प्रमुख और पीआईबी के निदेशक हैं। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर कोई भी वीडियो, फोटो या कंटेंट दिखाने के पहले राजनीतिक दलों को अनुमति लेनी होगी। दलों को यह बताना होगा कि उन्हें क्या दिखाना है। वीडियो क्लिपिंग तक की जांच होगी।

इसके लिए राजनीतिक दलों को दो सेट में आवेदन करना है। कंटेंट देखने के बाद कमिटी उन्हें अनुमति देती है। सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को उस सर्टिफिकेट को देखने के बाद ही वीडियो या कंटेंट परोसना है। उन्होंने बताया कि अभी तक कांग्रेस, जदयू और भाजपा जैसी प्रमुख पार्टियों ने ग्यारह अलग-अलग आवेदन देकर 104 कंटेंट की अनुमति ली है। कांग्रेस ने सबसे अधिक करीब 53 कंटेंट के लिए अनुमति ली है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

Post a Comment