इस वर्ष नवरात्रा पूजा पर कोरोना संक्रमण को लेकर श्रद्धालु दुर्गा मंदिरों में मां का स्पर्श कर ना तो पूजा अर्चना कर पाएंगे ना ही महिलाएं खोइचा चढ़ा पाएंगी। शारदीय नवरात्र के सप्तमी तिथि की सुबह सभी दुर्गा मंदिरों का पट श्रद्धालुओं को पूजा अर्चना के लिए तो खोल दिया जाएगा। परंतु श्रद्धालु मां की आराधना दूर से ही कर सकेंगे। दूसरी ओर सभी बंगाली दुर्गा पूजा समिति की ओर से गुरूवार को मंदिर का पट श्रद्धालुओं के पूजा अर्चना के लिए खोल दिया गया।
बंगाली दुर्गा पूजा समिति जमालपुर के सह सचिव प्रह्लाद घोष ने बताया कि श्रद्धालुओं केलिए मंदिर का पट तो खोल दिया गया है, परंतु श्रद्धालु दूर से ही पूजा अर्चना कर पाएंगे। शादीपुर स्थित बड़ी दुर्गा के महामंत्री भावानंद कुशवाहा ने बताया कि शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर शुक्रवार को मंदिर का पट श्रद्धालुओं के पूजा अर्चना के लिए खोल दिया जाएगा। परंतु मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं लगे, इसको ध्यान में रखते हुए मुख्य गेट पर ताला लगा रहेगा।
बड़ी दुर्गा पूजा समिति के महामंत्री ने बताया कि शुक्रवार को सप्तमी की रात्रि 11 बजे से निशा पूजा कर आदि शक्ति का आवाहन किया जाएगा। सुबह 04 बजे पूजा समाप्ति के पश्चात माता के तड़का से स्पर्श जल प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। मान्यता है कि माता के तड़का स्पर्श जल के सेवन से कठिन से कठिन बीमारी दूर होती है। इसके पश्चात अष्टमी को शस्त्र पूजन, नवमी को हवन कार्यक्रम होगा। जबकि दशमी को गोदी (खोयचा) के पश्चात माता का विसर्जन होगा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
إرسال تعليق