सदर थाना क्षेत्र के शाहपुर, वार्ड नंबर 4 निवासी अब्दुल मजीद की पुत्री नसीमा स्थानीय गंगजला चौक स्थित निजी नर्सिंग होम के वेंटीलेटर पर जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रही है। इलाज कर रहे चिकित्सक अभी उन्हें गंभीर खतरे में बता रहे हैं।
नसीमा की गलती थी कि उन्होंने लगातार दो पुत्रियों को जन्म दिया। ऐसे में पुत्र की चाह रखने वाले बिहरा थाना क्षेत्र के सत्तर कटैया गांव निवासी उनके पति मो. अब्दुल रहमान, सास बीबी खातून, देवर मो. जिबरैल, ननद बीबी सबीना और ननदोसी मो. मुस्तकीम ने उसे कमरे में बंद कर पीट-पीट कर जख्मी कर दिया।
इससे भी मन नहीं भरा तो फिर दुपट्टे से उनका गला दबा कर हत्या करने का प्रयास किया। लेकिन मारपीट के क्रम में उनके चीखने-चिल्लाने से आसपास के पड़ोसी ने उनकी जान बचाई और गंभीर हालात में निजी नर्सिंग होम भर्ती कराया। लेकिन सूचना के बाद भी पुलिस ने अब तक बयान नहीं दर्ज किया है।
6 साल पूर्व हुई थी शादी 6 साल पूर्व नसीमा की शादी
उनके पिता ने चार लाख रुपए उपहार स्वरूप जेवरात और घरेलू सामान देकर मुस्लिम रीति रिवाज से किया था। शादी के बाद नसीमा ने दो पुत्री नुसरत और सोफिया को जन्म दिया। लगातार दो बच्चियों के जन्म से उनके पति मो. अब्दुल रहमान सहित अन्य परिजन घृणा की दृष्टि से उसे देखने लगे।
जान लेने की रची गई साजिश
बीते 17 अक्टूबर को नसीमा की जान लेने की साजिश रची गई। जिसके तहत उन्हें पहले कमरे में बंद कर दिया गया। फिर उनके पति, सास, देवर, ननद और ननदोसी ने मारपीट शुरू किया। नसीमा इसकी सूचना अपने पिता को मोबाइल से दी। जो उसकी आखरी गलती थी। जिसके बाद उनके ससुराल के लोगों ने दुपट्टे से उनका गला दबाकर हत्या करने का कोशिश की। लेकिन आसपास के पड़ोसी जूटे और उनकी जान बच गई।
चार दिनों से वेंटिलेटर पर है पीड़िता
17 अक्टूबर से नसीमा लगातार निजी नर्सिंग होम के वेंटिलेटर पर जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रही है। उनकी सांस कभी भी उनका साथ छोड़ सकती है।
चंदा कर नसीमा का हो रहा इलाज
5 दिनों में पिता ने कर्ज ले पुत्री की जान बचाने के लिए 13 हजार रुपए नकद नर्सिंग होम में जमा कराया हैं। वही पीड़ित के अनुसार 30 हजार रुपए से अधिक का बकाया नर्सिंग होम का उनके ऊपर आ चुका है। जबकि प्रतिदिन लगभग 4 से 5 हजार रुपए की दवा सहित अन्य खर्च उनको उठाना पड़ रहा है।
चूंकि पीड़ित काफी गरीब है। ऐसे में उनके गांव के लोग चंदा इकट्ठा कर नसीमा की जान बचाने में लगे हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नसीमा के पिता तीन पुत्री के पिता है। उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। ऐसे में ग्रामीण चंदा कर नसीमा की जान बचाने में लगे हैं।
जान बचाने के लिए प्रयास किया जा रहा
नसीमा अभी भी खतरे से बाहर नहीं हुई है। उन्हें लगातार वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनकी जान बचाने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. रंजेश कुमार सिंह
आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी
फोन से शिकायत मिली थी। मामला महिला थाना का है। महिला थाना में मामला दर्ज करवाया जाएगा। सभी आरोपी की गिरफ्तारी होगी। उन्हें जेल भेजा जाएगा। -आरके सिंह, सदर थाना अध्यक्ष
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