(सुजीत कुमार वर्मा) इस्लामपुर विधानसभा में एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर है। 2000 से ही समता पार्टी और जदयू का इस सीट पर कब्जा रहा है। पिछली बार जदयू महागठबंधन में शामिल था। जदयू और एनडीए के भाजपा प्रत्याशी के बीच सीधी टक्कर में जदयू के चन्द्रसेन ने भाजपा के वीरेन्द्र कुमार को मात दी थी।
इस बार एनडीए का महागठबंधन के राजद प्रत्याशी राकेश कुमार रौशन से सीधी टक्कर है। हालांकि लोजपा के नरेश प्रसाद सिंह भी पूरे दमखम से चुनावी मैदान में हैं। वर्ष 2000 से जदयू यहां चेहरा बदलकर भी जीत दर्ज करती आयी है। इस बार पुराने चेहरे पर ही भरोसा किया है। वर्ष 2000 में समता पार्टी के रामस्वरूप प्रसाद 27.58 प्रतिशत मत लाकर जीते थे।
राजद के निलेश यादव को 17.34 प्रतिशत मत मिले थे। दो बार से जीत रही सीपीआई तीसरे नम्बर पर रही। 2005 में फरवरी-अक्टूबर में चुनाव हुए थे। दोनों ही बार जदयू से प्रतिमा सिन्हा जीती। इस बार भी राजनीतिक परिदृश्य में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है। गठबंधन का ही फर्क आया है। लोजपा से नरेश प्रसाद सिंह भी मैदान में हैं और ये भी कुर्मी जाति से आते हैं। लोजपा के आधार वोट और स्वजातीय वोट में सेंधमारी कर लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने की पूरी कोशिश की है। मैदान में कुल 17 प्रत्याशी हैं।
इस्लामपुर को अनुमंडल और खुदागंज को प्रखंड बनाने की मांग है लंबित
इसलामपुर को अनुमंडल बनाने की मांग वर्षों से उठती रही है। हालांकि जनप्रतिनिधि इस पर चर्चा तक नहीं करते। इसी प्रकार खुदागंज को प्रखंड बनाने की मांग भी पुरानी है। इसके अलावा सड़कों का अतिक्रमण व जाम की समस्या भी गंभीर है। मुहाने नदी का अस्तित्व भी सिमटता जा रहा है। नदी की जमीन पर अतिक्रमण कर मकान तक बना लिये गये हैं। नगर में एक पार्क तक की सुविधा नहीं है।
वोटिंग पैटर्न
इस सीट पर अब तक सबसे ज्यादा मतदान 1990 में 79.45 प्रतिशत हुआ था। 86.2 प्रतिशत पुरुष और 71.70 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया था। 1951 में 42.32, 1962 में 46.06, 1967 में 63.70 प्रतिशत मतदान हुआ था। 1977 में 66.18 प्रतिशत मतदान हुआ था। जिसमें 76.6 प्रतिशत पुरुष और 55.50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी थी। 1972 में 79.72 प्रतिशत मतदान हुआ था।
जिसमें 79.7 प्रतिशत पुरुष और 59.12 प्रतिशत महिला वोटरों ने हिस्सा लिया था। 1977 में 76.18 प्रतिशत मतदान हुआ था। जिसमें 78.7 प्रतिशत पुरुष और 73.07 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी थी। 1980 में 78.24 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें 80.02 प्रतिशत पुरुष और 75.83 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी रही।
1985 में 75.69 प्रतिशत मतदान में 78.3 प्रतिशत पुरुष और 71.75 प्रतिशत महिला वोटरों की भागीदारी रही। 1990 में 79.45 प्रतिशत मतदान हुआ। 86.2 प्रतिशत पुरुष और 71.70 प्रतिशत महिला वोटरों ने वोट डाले थे। 1995 में 66.63 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें 73 प्रतिशत पुरुष और 59.33 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी रही।
2000 में 78.45 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें 82.4 प्रतिशत पुरुष और 73.96 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी रही। 2005 के फरवरी में 41.74 प्रतिशत मतदान में 44.7 प्रतिशत पुरुष और 38.28 प्रतिशत महिलाएं शामिल हुई। अक्टूबर 2005 में 41.48 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें 42.25 प्रतिशत पुरुष और 40.22 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी रही।
2010 में 48.15 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें 48.2 प्रतिशत पुरुष और 48.05 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी रही। 2015 में 53.06 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें 52.4 प्रतिशत पुरुष और 53.37 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी रही।
बीते तीन चुनावों के परिणाम
- 2005 रामस्वरूप प्रसाद, जदयू- 46570 राकेश कुमार, भाकपा- 27412
- 2010- राजीव रंजन, जदयू- 56332 वीरेन्द्र कुमार, राजद- 32524
- 2015- चन्द्रसेन प्रसाद, जदयू- 66587 वीरेन्द्र कुमार, भाजपा- 43985
अब तक के विधायक
- 1951-57- शिवशरण प्रसाद शर्मा, कांग्रेस
- 1962-67- श्यामसुंदर प्रसाद, स्वतंत्र
- 1967-69- श्यमसुंदर प्रसाद, कांग्रेस
- 1969-72- रामशरण सिंह, प्रजा सो. पार्टी
- 1972-77- रामशरण प्रसाद सिंह, स्वतंत्र
- 1977-80- कृष्णबल्लभ सिंह, सीपीआई
- 1980-85- पंकज कुमार सिन्हा, कांग्रेस
- 1985-90- रामस्वरूप प्रसाद, कांग्रेस
- 1990-95- कृष्णबल्लभ प्रसाद, सीपीआई
- 1995-2000- कृष्णबल्लभ, सीपीआई
- 2000-05- रामस्वरूप प्रसाद, समता पार्टी
- 2005-10- प्रतिमा सिन्हा, जदयू
- 2010-15- राजीव रंजन, जदयू
- 2015-20- चन्द्रसेन प्रसाद, जदयू
बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र में इन जातियों की प्रभावी उपस्थिति
यादव, कुर्मी, मुस्लिम, भूमिहार, राजपूत, कुशवहा, पासवान, ब्राह्मण, रविदास के अच्छे खासे वोट हैं।
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