बुजुर्ग कह गए हैं कि ज़िन्दगी में सबसे कठिन फैसला होता है शादी का। ये फैसला जीवनभर साथ देता है। कई बार ये फैसला लोग एक झटके में ले लेते हैं, कई बार सालों बाद। लेकिन जरूरी नहीं है कि झटके में लिया फैसला ग़लत हो और सोच समझ कर लिया गया फैसला सही हो। वहीं एक फैसला इंसान चुनाव में भी लेता है। ये फैसला पांच वर्ष के लिए होता है। हालांकि इसका असर उस पर ही नहीं पूरे राज्य या देश पर होता है। हालाांकि यह फैसला कितना भी सोच कर लिया जाए उसका परिणाम लगभग एक ही होता है।

दो या तीन वर्ष बाद वो कहने लगता है कि इस बार इसे वोट नहीं देंगे। बिहार में मतदान शुरू हो चुका है। राहुल गांधी ने सुबह ही ट्वीट करके मतदान के दिन बताया आज बदलेगा बिहार। इस पर कुछ का कहना था पिछली बार कांग्रेस कुछ सीटें जीत भी गई थी ऐसी गलती अब नहीं करनी है।

वैसे तेजस्वी चुनाव के दिन भावुक हो गए, कहा पिताजी बाहर होते तो मज़ा आता। वैसे ये बात सही है। उनके पिताजी स्वयं भी चुनाव का मज़ा लेते थे। इतना आनंद लेते थे कि पोलिंग बूथ घर में खुलवा देते थे। बिहार का वो भी एक दिन था जब आयोग के पास उतने बैलट बॉक्स नहीं होते थे, जितना लालू यादव के घर होते थे। लोकतंत्र के लिए कार्यकर्ता दिन रात बैलट पेपर पर ठप्पा लगाते थे। वाकई लोकतंत्र का ऐसा महोत्सव अब नहीं होता। उन्ही दिनों को याद करते हुए प्रधानमंत्री जी ने तेजस्वी पर कटाक्ष किया ...जंगल राज का युवराज।

इस पर तेजस्वी समर्थकों ने कहा बाबूजी के राज पर बेटे का राज करना क्या ग़लत है और जंगल राज तो बहुत अच्छा होता है। जंगल में कितनी शांति होती है। अच्छा पर्यावरण होता है। नरेंद्र मोदी अब प्रचार के मूड में हैं। वर्ष में एक या दो बार ऐसा मौसम आता है जब प्रधानमंत्री से वो प्रचार मंत्री बनते हैं और अपने काम गिनवाते हैं। चुनाव प्रचार में तेज प्रताप भी जोर लगाए हैं। एक दिन तो प्रचार करते करते तेज प्रताप बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने लगे। उन्होंने मोदी नाम के बच्चे को ढूंढा और कहा गेंदबाजी करो।

सुना है कार्यकर्ताओं से कहा देखो हम मोदी को कैसे ग्राउंड से आउट करते हैं पर दुर्भाग्यवश मोदी की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। तेजस्वी प्रचार करने आये और मंच पर ही भैया का पैर छुआ। मंच पर बैठे लोगों ने कहा तेज प्रताप की आंखों में आंसू आ गए। जनता ने सस्ते मनोरंजन का लाभ उठाया। एक व्यक्ति ने बताया थिएटर बंद है इसलिए फ़िल्मी नौटंकी मंच पर देख कर आनंद ले रहे हैं। वैसे राजद के हर प्रत्याशी के लिए तेजस्वी प्रचार में जुटे हैं। एक प्रत्याशी के पास तो सम्पत्ति में घर पर एक किलो सोना रखा हुआ है।

ऐसा प्रत्याशी अविनाश कुमार ने आयोग को बताया है। अब तेजस्वी ने उन्हें गरीब का बेटा बता दिया। इस पर गरीब जनता ने नीतीश से मांग कर दी की अगर ये गरीब है तो उनके लिए नया तमगा ईजाद करें महा गरीब। वैसे नीतीश हर शब्द में महा लगा कर अपना बना लेते हैं। वैसे तेजस्वी कि सभाओं में काफी भीड़ है।

किसी ने पप्पू यादव को बताया तो नाराज़ हो गए। उन्होंने वीडियो में दिखाया कैसे तेजस्वी के रैली में भीड़ जुटाई जा रही। वैसे पप्पू यादव इतना जानते हैं तो उस रैली से दो चार लोग अपनी रैली में लाते। एक दिन पप्पू यादव भाषण दे रहे थे और रैली में कुर्सियों से कम लोग थे। वो कहते हैं उनका भाषण लोग ऑनलाइन देखते हैं।

वैसे जीतन राम मांझी ने चिराग को कोरोना वायरस बताया है। चिराग ने कहा लोग वैसे तो मांझी से सोशल डिस्टन्सिंग रखते हैं लेकिन वो दूसरों को कोरोना कहते हैं। वैसे मांझी की किस्मत का फैसला जनता ने कर दिया है। मांझी इतने अज्ञानी तो नहीं लेकिन इतनी बार वो गठबंधन बदल चुके हैं कि सभी को डर था वो कहीं ये ना भूल जायें कि वो खुद किस गठबंधन में हैं।

डायर के बारे में तेजस्वी बता पाएंगे?
तेजस्वी ने प्रचार का जिम्मा पिता की तरह संभाला है। नीतीश को जनरल डायर तक कह दिया। वैसे लोगों को शक है डायर के बारे में शायद तेजस्वी कुछ भी ना बता पाएं। तेजस्वी समर्थक का कहना है कि नौवीं तक डायर का नाम ही बताया गया था। डायर के बारे में सारी जानकारी दसवीं में थी, यदि वो देश के लिए शिक्षा का त्याग नहीं करते तो इसका उत्तर उन्हें पता होता।

वैसे तेजस्वी की शिक्षा पर बहुत सवाल उठ रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने भी कहा जो खुद मैट्रिक पास नहीं कर पाए वो शिक्षा की बात कैसे कर रहे हैं। वैसे इसमें एक बात तो साफ़ है कि शिक्षा का महत्व वही जानता है जो अनपढ़ होने का तंज सुनता हो और अब वो नहीं चाहते कि और किसी बिहारी को ये तंज सुनना पड़े।



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शेखर सुमन, बाॅलीवुड के अभिनेता।

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