विपक्ष के भारी हंगामे के बीच 51 साल बाद हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में, एनडीए के उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा निर्वाचित हुए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत दो अन्य मंत्री जो विधानसभा के सदस्य नहीं हैं, उनको मतदान के दौरान सदन से बाहर करने के लिये विपक्ष सदस्यों ने भारी हंगामा किया और तीन बार वेल में पहुंचे। विपक्ष, प्राेटेम स्पीकर के शांति के आग्रह काे लगातार खारिज किए रहा
। हंगामा के कारण पहली बार चुनाव के बीच में सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। फिर सदन के नेता की हैसियत से नीतीश कुमार की उपस्थिति में मत विभाजन हुआ, जिसमें विजय सिन्हा के पक्ष में 126 और विपक्ष में 114 मत पड़े। दो सदस्य वाेटिंग में शामिल नहीं हुए। इनमें एक सदस्य बसपा के थे। दूसरे सदस्य काे लेकर संशय की स्थिति रही।
दलीय स्थिति के अनुसार दूसरे सदस्य माकपा या एआईएमआईएम के हाेने की संभावना है। हालांकि, दाेनाें दलाें के नेताओं ने इससे इनकार किया है। बिहार में पहली बार भाजपा का स्पीकर बना है। सदन के अंदर दो बार वोटिंग हुई। महज आधे घंटे के अंदर प्रोटेम स्पीकर ने वोटिंग की प्रक्रिया दूसरी बार सम्पन्न करवायी। पहली बार विजय सिन्हा के पक्ष में 127, वहीं दूसरी बार में 126 वोट ही मिले।
सभी सदस्यों को साथ लेकर चलेंगे
लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। जन समस्याओं को दूर करना और उनके बेहतर कल के लिए काम करना है। सभी सदस्यों को साथ लेकर चलेंगे। -विजय कुमार सिन्हा, नवनिर्वाचित स्पीकर
नीतीश ने स्पीकर को दी बधाई, कहा- आपके नेतृत्व में बेहतर ढंग से संचालित होगा सदन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में सदन बेहतर ढंग से संचालित होगा। सीएम ने कहा कि अध्यक्ष की भूमिका निष्पक्ष होती है, वे सत्ता व विपक्ष की बात समान रूप से सुनते हैं। आपके पास अनुभव है, आप विधायक रहे हैं, मंत्री भी रहे हैं। निश्चित रूप से अध्यक्ष के रूप में भी आप बेहतर भूमिका निभाएंगे।
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