पहले चरण में लगने वाली कोरोना वैक्सीन के लिए एकत्र किए जा रहे फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं का डाटा निजी अस्पताल, नर्सिंग होग, क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग को नहीं दे रहे हैं। इससे अभी जिले का समेकित डाटा स्वास्थ्य विभाग की बेवसाइट पर अपलाेड नहीं हाे सका है। अभी तक 16 हजार कर्मियाें का ही डाटा अपलाेड किया जा सका है।

इसमें सरकारी अस्पतालाें के 14 और निजी अस्पतालाें के 3 हजार कर्मी शामिल हैं। सरकारी अस्पतालों के फ्रंटलाइन वर्कर में चार हजार आशा, चार हजार डॉक्टर, एएनएम और पारामेडिकल स्टॉफ शामिल हैं, जबकि सहायिका और सेविका का महज पांच हजार डाटा ही अाईसीडीएस विभाग की ओर से दिया गया है।
वहीं, मात्र तीन हजार ही निजी डॉक्टर, एएनएम, पारा मेडिकल स्टॉफ का डाटाबेस अपलोड किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. शैलेश प्रसाद सिंह के अनुसार, जिले के सात सौ निजी अस्पताल, निजी नर्सिंग होम व क्लीनिक को पत्र भेजकर उनके कर्मचारियों की सूची मांगी गई थी, लेकिन निजी अस्पताल प्रबंधन इसमें रुचि नहीं ले रहे।

उन्हाेंने कहा कि निजी अस्पतालों के फ्रंटलाइन वर्कर का डाटा लेने के लिए केयर इंडिया के कर्मचारियों को भी लगाया गया है, लेकिन इन्हें भी पूरी लिस्ट देने में निजी अस्पताल प्रबंधन आनाकानी कर रहे हैं। वहीं, जिला एमएंडई जयशंकर प्रसाद ने बताया, अक्टूबर में ही डाटा भेजने का निर्देश निजी अस्पतालाें काे दिया गया था, लेकिन अब 31 दिसबंर तक का समय दिया गया है।



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List of frontline workers not giving private hospital for Carena vaccination

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