प्रभु श्री रामचंद्र की जय...। श्रीराम-जानकी विवाह महोत्सव को लेकर विष्णुपद से गौरी गणेश की पूजा के बाद सिया से ब्याह रचाने प्रभु श्रीराम की बारात निकली। सुगंधित फूलों से सजी चांदी की पालकी पर सोने का विष्णुचरण व रामायण रखा गया, फिर भगवान की बारात निकली। बारात विष्णुपद से निकल दखिन दरवाजा, नारायणचुआं, चांद चौरा, पचमहला, रामसागर, बहुआर चौराहा होते हुए पुनः विष्णुपद पहुंचा।

इस बीच हर मार्ग प्रभु श्रीराम के उद्घोष से गूंजता रहा। मंदिर से निकले भगवान को देखने के लिए श्रद्धालु काफी उतावले दिखे। प्रभु के एक झलक से ही मन प्रफुल्लित हो उठा। बता दें कि कोविड-19 के कारण भगवान की बारात सीमित मुहल्लों में ही भ्रमण की। इस बार बारात में ऊंट, घोड़ा व हाथी नहीं दिखे।

चार रामायण प्रभु श्रीराम के चार भाई के प्रतीक
प्रभु श्रीराम की बारात में पालकी पर चार रामायण को रखा गया था। विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति की माने तो चार रामायण प्रभु श्रीराम के चार भाइयों के प्रतीक स्वरूप रखा जाता है। भगवान की बारात जिन जिन मुहल्लों में गई, प्रभु श्रीराम के जयघोष से हर इलाका गूंजता रहा। मालूम हो कि श्रीराम विवाह महोत्सव को लेकर विष्णुपद मंदिर में आकर्षक सजावट की गई थी।

विवाह के बाद प्रसाद का किया जाएगा वितरण
विष्णुपद प्रबंध कारिणी समिति के सचिव गजाधर लाल पाठक ने बताया कि कोविड-19 व राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार श्रीराम विवाह महोत्सव मनाया जा रहा है। इस बार चार नहीं बल्कि दो दिवसीय महोत्सव हो रहा है।

कार्यक्रम में इन लोगों की रही उपस्थिति
इस मौके पर कोषाध्यक्ष कन्हैया लाल चौधरी, सदस्य शंभूलाल विट्ठल, महेश गुपुत, मुन्नालाल गुर्दा, विवेक लाल भइया, गौतम गायब, रामनाथ विट्ठल, दीपक हल एवं समस्त गया पाल समाज शामिल थे।

आज विवाह की रस्में होंगी पूरी

विष्णुपद मंदिर के सभा मंडप में शनिवार की शाम प्रभु श्री राम और जानकी का विवाह महोत्सव मनेगा। फूलों से भगवान का मंडप सजाया जा रहा है। विधि विधान के साथ विवाह की रस्में पूरी होंगी। इस बार वर पक्ष में मुरली आचार्य और वधू पक्ष की भूमिका में अवधेश मिश्रा रहेंगे। विवाह से जुड़ी सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है। यहां बताते चलें कि इस बार चार नहीं बल्कि दो दिवसीय महोत्सव हो रहा है।



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