लोकल बॉडीज इंप्लॉयज फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने डिप्टी सीएम सह नगर विकास मंत्री से मिलकर वेतन विसंगतियों को दूर करने समेत अन्य मांगों को लेकर आवेदन दिया। वहीं, पूर्व की बैठक में लिए गए फैसले का अनुपालन नहीं होने की जानकारी दी। बताया कि अब तक एक जनवरी 2016 से 7वें वेतन पुनरीक्षण का लाभ निकाय कर्मियों को नहीं मिला है।
नगर विकास विभाग को छोड़ अन्य विभाग में दैनिक व संविदा पर कार्यरत मजदूरों को 18 हजार व मैट्रिक पास को 21 हजार रुपए मिल रहे। स्थानीय निकाय में दैनिक मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी की सीमा तय नहीं है।
उनकी सेवा भी स्थायी नहीं की जा रही। जो न्याय संगत नहीं है। वहीं, हाइकोर्ट के निर्णय के अनुसार 10 लाख रुपए मुआवजा मिलना चाहिए। प्रतिनिधि मंडल में अशोक कुमार सिंह, मो. अब्दुल सत्तार, अविनाश कुमार शामिल थे।
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