प्रखंड के सभी पंचायत सहित शहरी क्षेत्र में विलुप्त हो चुकी जागते रहो की परंपरा एक बार फिर से होगी शुरू होने जा रही है। इसकी आवश्यक तैयारियां अभी से ही शुरू कर दी गई है। इसको लेकर थाना में पदस्थापित 2 दफादार व 27 चौकीदार को विशेष दिशा-निर्देश दिया गया है। इस परंपरा में इनकी अहम भूमिका होगी।
जैसा कि पहले के समय में गांव के चौकीदार व शहर के दफादार एक हाथ में लाठी तो दूसरे में टार्च थाम गली-गली घूम जागते रहो की आवाज लगाते हुए सभी को सचेत किया करते थे। उसी तर्ज पर एक बार फिर से शहर व ग्रामीण क्षेत्र में डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर शुरू किया जाएगा। फर्क सिर्फ इतना होगा कि इस बार वह पहरा देने के साथ-साथ कई अन्य जिम्मेदारियां भी सौंपी गई है। चौकीदार पहरा देने के क्रम में शराब पीने या तस्करी से संबंधित सूचना अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष को देंगे।
अगर चौकीदार शराब से संबंधित गतिविधि की सूचना संबंधित थाना में नहीं लेता है और जांच के क्रम में उसके क्षेत्र में यदि शराब पकड़ा जाता है तो उस क्षेत्र के चौकीदार पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अब से वह भूमि विवाद की बैठक में भी अपनी भागीदारी निभाएंगे। भूमि विवाद से संबंधित जानकारी भी अपने क्षेत्र से संबंधित चौकीदार के द्वारा देना अनिवार्य है। इसकी जानकारी चौकीदार द्वारा नहीं दी जाती है तो उसमें उसकी संलिप्तता मानी जाएगी।
कहते हैं अधिकारी
डीएम से प्राप्त निर्देश के अनुसार जल्द ही शहरी व ग्रामीण इलाकों में पहरा देने की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसको लेकर सभी दफादार व चौकीदार को अवगत करा दिया गया है। जिस क्षेत्र में चौकीदार की कमी है उसे पूरा करने के लिए वरीय अधिकारी से पत्राचार किया जाएगा।
-प्रवीण कुमार मिश्र, अपर थानाध्यक्ष
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