सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारदीगंज में शनिवार को ग्रामीण चिकित्सकों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कालाजार रोग पर ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अखिलेश प्रसाद ने किया।

मौके पर वेक्टर डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी नवादा डॉ. जितेंद्र कुमार, लैब टेक्नीशियन जितेंद्र कुमार ने उपस्थित ग्रामीण चिकित्सकों को कालाजार रोग पर प्रशिक्षित किया। बताया गया कि कालाजार रोग बालू मक्खी के काटने से होता है। अगर किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक बुखार हो तो यह व्यक्ति में कालाजार रोग का लक्षण पाया जाता है।

कालाजार रोग रहने पर इसकी जांच समुदाय स्वास्थ्य केंद्र में आरके39 के टेस्टिंग किट से जांच किया जाता है। साथ ही साथ एंथ्रीजोन का सिंगल डोज दवा को सदर अस्पताल नवादा से दिया जाता है। इस रोग से जिले में वर्ष 2020 में कोई रोगी नहीं मिले हैं। वैसे जिले के छह प्रखंड कालाजार रोग से प्रभावित है। जिसमें काशीचक, मेसकौर, वारसलीगंज, रोह, गोविंदपुर के अलावा सदर प्रखंड नवादा में कालाजार के रोगी दो वर्ष पहले मिले थे।

जिले के रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में 21 रोगी कालाजार के थे। वहीं वर्ष 2019 में इसकी संख्या में काफी कमी आई है और 5 रोगी इस रोग से ग्रसित हुए थे। लेकिन 2020 में एक भी रोगी इस रोग से ग्रसित नहीं हुए हैं। मौके पर ग्रामीण चिकित्सक विपिन कुमार, अजय कुमार, योगेंद्र कुमार, विजय कुमार, कमलेश चौहान समेत अन्य ग्रामीण चिकित्सक ने भाग लिया।



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Six blocks are affected by Kalazar disease

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