कोरोना संक्रमण में अनलाॅक प्रक्रिया के दौरान विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर 21 सितंबर से लगातार निर्धारित अवधि के लिए सरकार द्वारा जारी मानक के तहत खुल रहा है। लेकिन विदेशी मंदिर और मोनास्ट्री बंद हैं। इससे विश्व में गलत संदेश जा रहा है। बीटीएमसी बोर्ड की बैठक में इस कारण निर्णय लिया गया कि बोधगया के सभी विदेशी मोनास्ट्री के साथ महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें उनसे खोलने की अपील की जाएगी।

इसके अलावा उनसे विदेशी डेलिगेट्स आमंत्रण को भी कहा जाएगा, ताकि यहां की स्थिति को वे खुद देखें और ब्रांड का काम करें। सरकार के एडवायजरी का पालन करते हुए विदेशी मंदिरों को खोलने का निर्णय संबंधित मोनास्ट्री को लेना चाहिए। इससे डोमेस्टिक टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

बीटीएमसी की इस बैठक की अध्यक्षता डीएम सह अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने की। बैठक में सचिव नांजे दोरजे, सदस्य डा महाश्ेवता महारथी, डा अरविंद सिंह, कृष्णा मांझी और भिक्षु ओकीनावा मौजूद थे। अशोक रेलिंग के रेप्लिका का पुनर्निर्माण लंबित है। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण फिर से टेंडर निकालेगा।
वोटिव स्तूप पर नहीं लगेगा फूल
मंदिर की सजावट के दौरान वोटिव स्तूप पर फूलों से सजावट नहीं होगी। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सजावट के दौरान स्तूप को नुकसान पहुंचता है।
लगेगी मैत्रेय की मूर्ति
साधना उद्यान में भावी बुद्ध मैत्रेय की मूर्ति लगेगी। इसके अलावा बीटीएमसी गोलंबर में आधुनिक बौद्ध धर्म पुनरुद्धारक सिंहली अनागारिक धर्मपाल की मूर्ति बीटीएमसी लगाएगा।
बीटीएमसी कार्यालय की होगी अस्थायी शिफ्टिंग
बीटीएमसी के वर्तमान कार्यालय को तोड़कर अत्याधुनिक सुविधाओं का भवन प्रस्तावित है। इसके लिए बिहार राज्य पुल निगम टेंडर निकालेगी। अस्थाई तौर पर कालचक्र मैदान के उत्तर में एक टेंम्परेरी भवन बनाकर कार्यालय को शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। नया कार्यालय भवन 13 करोड़ 54 लाख 25 हजार से बनेगा। इसमें स्वागत कक्ष, प्रतीक्षालय, प्रार्थना हाॅल, वीआईपी लाउंज, पांच कार्यालय रूम, रेकार्ड रूम, रसोई, पुस्तकालय, मीटिंग हाॅल, शौचालय, वाशरूम, भिक्षु आवास, स्ट्रªांग रूम होगा।



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