बाढ़ में 93 विद्यालय बंद, अब तक सूची सार्वजनिक नहीं
आरा| भोजपुर जिला शिक्षा कार्यालय ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के सरकारी 93 स्कूलों को बंद किया था। इनमें शाहपुर प्रखंड में 75 और बड़हरा में 18 विद्यालय शामिल है। पांच दिन के बाद भी अभी तक बंद स्कूलों की सूची सार्वजनिक की गई है। इससे बाढ़ के नाम पर विद्यालयों में सरकारी योजनाओं के कार्यान्यवन के नाम वित्तीय अनियमितता की आशंका हो गई है। लोगों में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर क्या वजह है कि शिक्षा विभाग बंद विद्यालयों की सूची सार्वजनिक नहीं कर रहा है? इसके पीछे विभाग की क्या मंशा है। जबकि, जिला शिक्षा पदाधिकारी कौशल किशोर ने खुद बयान दिया था कि बाढ़ग्रस्त इलाकों के 75 स्कूलों में बाढ़ का पानी फैलने से उसे अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा था कि दो दिन में बीईओ से बंद विद्यालयांे की सूची मांगी है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा- प्रखंडों सेे नहीं भेजी गई है स्कूलों की सूची
इस प्रकरण में जिला शिक्षा पदाधिकारी कौशल किशोर ने कहां कि हम सचिवालय विभागीय कार्य से पटना में हैं। संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से से सूची मांगी गई थी। अभी तक उन्होंने सूची नहीं दी है। इस बारे में बड़हरा व शाहपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों ने स्पष्टीकरण से मांगा गया है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी 26 सितंबर तक किसी भी सूरत में दंेगे। दूसरी आेर, बताया गया कि शाहपुर प्रखंड से जिला शिक्षा पदाधिकारी को बंद विद्यालयों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। यह शाहपुर में डीएम रोशन कुशवाहा के मुआयना कार्यक्रम के वक्त दिया गया था।
पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए डीएम से मिले विधायक मो.नेवाज
आरा। सदर आरा के विधायक डाॅ.मो नेवाज आलम उर्फ अनवर आलम ने डीएम रोशन कुशवाहा से बाढ़ ग्रसित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मुलाकात किया। विधायक नेआरा विधान सभा के दस पंचायतों में बाढ़ से ग्रसित लोगों को खाने-पीने व राहत पहुंचाने, मवेशियों का मुआवजा दिलाने, खेतों के फसल की मुआवजा और 10 पंचायत को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित कराने की मांग की। इधर, भाकपा का प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिला। जिला सचिव ज्योतिष कुमार, पूर्व जिला सचिव उदय शंकर यादव, माधो प्रसाद सिंह व मो अमीनुद्दीन थे।
बड़हरा के सालीग्राम सिंह के टोला में फैला बाढ़ का पानी।
18 सेमी घटा गंगा का जलस्तर, पर खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर, हजारों ग्रामीण अब भी पानी से घिरे
बड़हरा|गंगा नदी बुधवार शाम 4 बजे तक 18 सेंटीमीटर की कमी से जलस्तर 54.38 मीटर रहा। सुबह 6 बजे नदी का जलस्तर 54.45 मीटर आंका गया था। इससे जिला व प्रखंड के अधिकारियों की भागदौड़ कम हो गयी है। पिछले दिनों की लगातार जलवृद्धि से जलस्तर खतरे के निशान 53.08 मीटर को पार कर 23 सितम्बर को शाम 4 बजे अधिकतम 54.56 मीटर के जलस्तर तक पहुंच गई थी। गंगा नदी अब भी खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर बह रही है। प्रखंड कार्यालय द्वारा बाढ़ में पीड़ित पंचायत नेकनामटोला, बखोरापुर और गंगापार खवासपुर में कुल 2350 पोलिथिन कर्मचारियों को वितरण करने के लिए दिया है। जिसकी सूचना बड़हरा अंचल सीओ आलोक दिव्या ने दी। हालांकि, काफी संख्या में जरुरतमंदों तक यह नहीं पहुंचा है। 23 सितम्बर को गुंडी गांव निवासी तुफानी राय के डुबने से मौत हो गयी थी। उनकी प|ी फुला देवी को 4 लाख रुपये का चेक सीओ द्वारा दिये जाने की बात कही गयी। इधर, बड़हरा प्रखण्ड को बाढ़ग्रस्त घोषित नहीं होने से सरकार व प्रशासन के प्रति घोर आक्रोश देखा जा रहा है। इधर, जीविका की तरफ से बाढ़ प्रभावित समूह सदस्यों के वित्तीय सहायता को ले ऋण वितरण शिविर लगा। यह शिविर एसबीआई की सरैंया, डीबीजीबी के बबुरा, मटुकपुर व केशोपुर के सहयोग से किया गया। कैंप में 113 स्वयं सहायता समूह 1350 परिवार के बीच 1 करोड़ 5 लाख रुपए ऋण का वितरण किया गया। सदस्यों के सुरक्षित बैंक आवागमन के लिए प्रखंड प्रशासन की तरफ से दो नाव की व्यवस्था की गई थी।
गिफ्ट एकेडमी विद्यालय के निदेशक ने बाढ़ पीड़ितों के बीच बांटा राहत सामग्री
आरा| बाढ़ पीड़ितों के लिए शिक्षण संस्थान राहत देने शुरू कर दिए है। इसी क्रम में गिफ्ट एकेडमी आवासीय विद्यालय, अहिरपुरवा व महादेवा के बैनरतले बुधवार को बड़हरा प्रखंड के नेकनाम टाेला व बखोरापुर सहित कई बाढ़ ग्रस्त इलाकों में राहत सामग्री बांटी। नाव पर सवार होकर दोपहर में विद्यालय के निदेशक अमित कुमार अपने सभी शिक्षक व शिक्षिकाओं के साथ बाढ़ग्रस्त इलाकों में जाकर उन्हे जरूरी के सामान फुड पैकेट, दवा, माचिस, कैंडल, फस्ट एड सामग्री बाढ़ पीड़ितों को दिया। निदेशक अमित कुमार ने बाढ़ग्रस्त इलाके से लौटने के बाद बताया कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में लाचार व पीड़ितों की सहायता करने की जरूरत है। बाढ़ पीड़ितों की स्थिति देखने पर लगता है कि उन्हे समुचित राहत नहीं मिल पा रही है। इसके बाद सदर प्रखंड के बाढ़ग्रस्त इलाकांे में भी जाकर सामग्री बाटी जाएगी। मौके पर जहांआरा, श्यामनारायण सिंह, शिप्रा शालिनी, सनाेज, लीलावती, देवनाथ साह व दिनेश प्रसाद सिन्हा सहित शिक्षक व शिक्षिकाएं थी।
सूर्यभान ने पीड़ितों में बांटी राहत सामग्री
बड़हरा। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सूरजभान सिंह के नेतृत्व में सेवा भारती के सदस्यों ने के शिवपुर, नेकनामटोला, ज्ञानपुर, बबुरा, पैगा, रघुवर राय के टोला, दुबे छपरा व अन्य गांंवों में तिरपाल, चूड़ा, गुड़ अन्य सामानों का वितरण किया। वरूण सिंह, अजय सिंह रितिक सिंह, मुन्ना सिंह, अजित सिंह, बंटी सिंह, नागराज सिंह, मुकेश शाह, बीडी तिवारी, कृष्णा यादव, बैजनाथ यादव, लाल सिंह, पंकज सिंह, दीपक सिंह, प्रयाग तिवारी, मधुरेन्द्र सिंह, भंवर सिंह, प्रभात तिवारी, चन्द्रभान सिंह, मृत्युन्ज जी, बबलू शुक्ला व अन्य थे ।
बाढ प्रभावितो के बीच तिरपाल वितरण करते सूर्यभान सिंह।
राहत सामग्री बांटने जाते गिफ्ट एकेडमी के सदस्य।
आरा| बाढ़ पीड़ितों के लिए शिक्षण संस्थान राहत देने शुरू कर दिए है। इसी क्रम में गिफ्ट एकेडमी आवासीय विद्यालय, अहिरपुरवा व महादेवा के बैनरतले बुधवार को बड़हरा प्रखंड के नेकनाम टाेला व बखोरापुर सहित कई बाढ़ ग्रस्त इलाकों में राहत सामग्री बांटी। नाव पर सवार होकर दोपहर में विद्यालय के निदेशक अमित कुमार अपने सभी शिक्षक व शिक्षिकाओं के साथ बाढ़ग्रस्त इलाकों में जाकर उन्हे जरूरी के सामान फुड पैकेट, दवा, माचिस, कैंडल, फस्ट एड सामग्री बाढ़ पीड़ितों को दिया। निदेशक अमित कुमार ने बाढ़ग्रस्त इलाके से लौटने के बाद बताया कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में लाचार व पीड़ितों की सहायता करने की जरूरत है। बाढ़ पीड़ितों की स्थिति देखने पर लगता है कि उन्हे समुचित राहत नहीं मिल पा रही है। इसके बाद सदर प्रखंड के बाढ़ग्रस्त इलाकांे में भी जाकर सामग्री बाटी जाएगी। मौके पर जहांआरा, श्यामनारायण सिंह, शिप्रा शालिनी, सनाेज, लीलावती, देवनाथ साह व दिनेश प्रसाद सिन्हा सहित शिक्षक व शिक्षिकाएं थी।
सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि क्षेत्र में मुहैया करा रहे हैं राहत सामग्री, प्रशासनिक सुविधाएं नहीं मिल रहीं
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