जिला संचालिका राजयोगिनी उर्मिला बहन और बैंक कर्मी संजय गुप्ता की अगुवाई में आयोजित जयंती समारोह के दौरान भक्तों के बीच केक भी काटे गए। इस मौके पर बीके उर्मिला बहन ने उनके जीवन के बारे में वर्णन करते हुए कहा कि उनका जन्म सिंध हैदराबाद अविभाज्य भारत जो आज का पाकिस्तान है मैं 15 अगस्त 1876 को हुआ था।
उन्होंने कहा कि बचपन से ही आध्यात्मिक परिवेश मिलने के कारण वह नारायण के अनन्य भक्त थे और बचपन से बिना गीता के पाठ का वह जल भी ग्रहण नहीं करते थे। उर्मिला बहन ने बताया कि 1936 में वे 60 वर्ष की अवस्था में उनके तन में परमात्मा शिव अवतरण और उनको स्वयं भगवान ने अपना र| बनाया। बी के उर्मिला बहन ने बताया कि आज विश्व के 159 देशों में यह संस्था फैल चुकी है। ब्रह्मकुमारी संस्थान के 18 विंग्स हैं, जो अध्यात्म और राजयोग मेडिटेशन का संदेश 8000 से अधिक सेवा केंद्रों के माध्यम से दे रहा है।
इस संस्था और भारत का संस्कार विश्व में एकता, शांति, समृद्धि और मानव सेवा रहा है जो यह कर रही है। इस मौके पर अनिल शाह, राजेंद्र केसरी, शिवलाल सिंह, अमर सिंह, शंभू महतो, विकास यादव, राजमुनि साह, रविंद्र गुप्ता, कौशल्या देवी, सविता देवी, शर्मिला गुप्ता, बद्रीनाथ भगत, दया बहन, रीना बहन, भावना बहन, पूजा बहन, लाडली बहन, महानंद रजक, सोनू भाई, तारिणी बहन,यशवंत पासवान आदि मौजूद थे।
बाबा के कटआउट फोटो पर माल्यार्पण करतीं जिला संचालिका।
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