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भास्कर न्यूज | मधेपुरा
जिला मुख्यालय के मुख्य बाजार स्थित मां ज्वेलर्स में सोमवार दिन दहाड़े हुई भीषण लूट की घटना में शामिल अपराधियों की पहचान करने की दावा पुलिस तो कर रही है किंतु उसे पकड़ना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर है। आलम यह है कि घटना के 78 घंटे गुजर जाने के बाद भी पुलिस एक भी अपराधी तक नहीं पहुंच पाई है। हालांकि पुलिस का दावा है कि छह में से उन पांच अपराधियों की पहचान कर ली गई है जो हेलमेट नहीं पहन रखे थी किंतु हेलमेट पहने एक अपराधी की पहचान करने में पुलिस अभी तक नाकामयाब है। सूत्रांे की माने तो लूट में शामिल दो अपराधी पूर्णिया, एक अपराधी सुपौल, तथा दो अपराधी मधेपुरा जिले का रहने वाले हैं। लूट की घटना के उद्भेदन व अपराधियों की गिरफ्तारी की सारी जवाबदेही कमांडो टीम को सौंपी गई है। लिहाजा कमांडो टीम के सभी सदस्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए दिन-रात छापेमारी कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द हो सकती है। सूत्रों का मानना है कि अपराधियों के तार नेपाल से जुड़े हुए हैं। लिहाजा यह प्रबल संभावना है कि लूट के बाद अपराधी सीधे नेपाल भाग गए। अगर यह अनुमान सही निकला तो अपराधियों को पकड़ना भारी मुश्किल हो सकता है। अपराधी काफी शातिर और पेशेवर भी हैं। इसलिए यह भी संभावना जताई जा रही है कि कमांडो की हर गतिविधियों पर उन सबों की नजर जरूर होगी। लिहाजा कमांडो टीम अपने मिशन को काफी सिक्रेट रखे हुए है। मंगलवार को कोसी रेंज के डीआईजी सुरेश कुमार चौधरी भी निरीक्षण किए थे। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही अपराधी पुलिस गिरफ्त में होंगे। लेकिन बुधवार तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
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