
भागलपुर | अंगिका की उपेक्षा लोकतन्त्र की उपेक्षा है। अंग क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे एकजुट होकर अंगिका के विकास के लिए अपनी आवाज बुलंद करें और भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में अंगिका भाषा को शामिल कराएं, ताकि अंगिका भाषा का समुचित विकास हाे सके। ये बातें तिलकामांझी स्थित टेक्नो मिशन संस्थान परिसर में अंगिका महोत्सव 2020 की तैयारी को लेकर आयोजित परिचर्चा में ई. अंशु सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि अंगिका भाषा समृद्ध है। अंगिका महोत्सव के माध्यम से एकजुट हाेकर आवाज बुलंद करेंगे। महाेत्सव में संस्थान के विद्यार्थी अंगिका गीत पर नृत्य करेंगे। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अंगिका महोत्सव फरवरी महीने में आयोजित होगा। महाेत्सव के संयोजक गौतम सुमन ने कहा कि महोत्सव की तैयारी शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अंगिका प्रेमी एवं अंगिका साहित्यकार का अपार सहयोग व समर्थन उन्हें मिल रहा है। इस मौके पर हिंदी अंगिका के साहित्यकार डॉ. अमरेन्द्र, दिनेश तपन, गीतकार राजकुमार, कैलाश ठाकुर, सच्चिदानंद साह किरण, कुमार गौरव, पुरूषोत्तम सिंह अादि माैजूद थे।
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