शहर के शिवपुरी वार्ड 9 स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में मंगलवार को पांच दिवसीय श्री रामचरित मानस एवं गीता ज्ञान यज्ञ का शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। कार्यक्रम के प्रथम दिन संस्थान के संस्थापक सह संचालक सतगुरु आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी अमृता भारती ने भगवान श्रीराम के चरित्र को मनुष्य अपने जीवन के उपयोग में लाने और मानस में वर्णित आदर्शवान, चरित्रवान, त्यागपूर्ण व मर्यादित जीवन के राह पर लोगों को चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मानव परमात्मा की सर्वोच्च कलाकृति है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा था कि बड़े भाग मानुष तन पावा। लेकिन मानव सर्वोच्च नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि मानव भौतिक सुख की प्राप्ति के लिए वास्तविकता को भूल रहा है। सिर्फ भौतिक संसाधनों में वास्तविक सुख नहीं है। जिस प्रकार मछली जल रुपी आधार से विलग होकर सांसारिक सारे साधनों में शांति का अनुभव नहीं करती। उसी प्रकार मनुष्य का आधार भी परमात्मा है। जो साध्य है और साध्य देखे बिना सांसारिक साधनों में वास्तविक शांति का एहसास नहीं हो सकता।

धर्म-आध्यात्म दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में रामचरित मानस और गीता ज्ञान यज्ञ का किया आयोजन

परमात्मा की सर्वोच्च कलाकृति है मानव, भौतिक सुख के लिए भूल रहा वास्तविकता

रामचरित्र मानस पर प्रवचन देतीं साध्वी।

ईश्वर की प्राप्ति ही मनुष्य का वास्तविक कर्म

कार्यक्रम के अंत में स्वामी यादवेंद्रानंद ने प्रत्येक मनुष्य को ईश्वर को प्राप्त करने का आह्वान किया। ईश्वर प्राप्ति ही मनुष्य का वास्तविक कर्म है। अन्यथा शास्त्रों में तो आहार, निंद्रा, भय आदि क्रियाओं को करने वाले मनुष्य को पशु की श्रेणी में ही रखा है। कार्यक्रम में आशुतोष महाराज के शिष्या शोभा भारती, पूजा भारती आदि ने भजन प्रस्तुत की। मौके पर समाजसेवी अविनाश आनंद, लालमोहन यादव, प्रमोद कुमार, गणेश लाल ठाकुर,राजेंद्र शर्मा,विरेन्द्र मिश्रा,प्रभु नारायण साह, बिरेंद्र मिश्रा सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।



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Araria News - purushottam ram39s character needs to be brought to life sadhvi

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