नल जल योजना के क्रियान्वयन में शिथिलता बरतने वाली वार्ड क्रियान्वयन समितियां राशि की भरपाई के लिए तैयार रहें। नल जल योजना के लिए 15 जून व गली नाली योजना के लिए 30 जून तक का अंतिम अवसर दिया गया है। इस अवधि के अंदर जिन वार्डों में काम पूरा नहीं हुए, वहां की वार्ड क्रियान्वयन समितियों पर गाज गिरना तय है। एफआईआर दर्ज होगा। राशि की वसूली भी की जाएगी। बगहा - 1 प्रखंड सभागार में नल जल योजना की समीक्षा बैठक करते हुए जिला पंचायती राज पदाधिकारी विनोद कुमार रजक ने यह बात कही।
संबंधित कर्मियों पर भी गाज गिरना तय
डीपीआरओ ने एक एक पंचायत में योजना की अद्यतन प्रगति की विंदुवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित पंचायत के मुखिया से भी आवश्यक जानकारी ली तथा पंचायत सचिव, जेई व लेखापाल आदि को आवश्यक टास्क सौंपे। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि के बाद मॉनिटरिंग करने वाले अधिकारियों समेत योजना के क्रियान्वयन से जुड़े तमाम कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई तय है। लिहाजा, बचे हुए समय का सभी लोग बेहतर उपयोग करें।
टीम वर्क के बदौलत ही बेहतर कार्य होगी
डीपीआरओ ने मुखिया, जेई, लेखापाल व पंचायत सचिवों के बीच बेहतर आपसी समन्वय की जरूरत बताते हुए कहा कि टीम वर्क की बदौलत ही बेहतर उपलब्धि हासिल की जा सकेगी। अभिलेखों के संधारण में भी पर्याप्त सतर्कता की जरूरत है। मापी पुस्तिका के संधारण से संबंधित टास्क भी सौंपे।
प्रतिनिधियों ने सामने रखी अपनी समस्या
बैठक में उपस्थित मुखिया कामेश्वर सिंह, अमर सिंह, शमशाद अली, संजय साह, बबलू बैठा, उदय सिंह, दिवाकर चौधरी आदि ने डीपीआरओ के समक्ष अपनी परेशानियां बताते हुए कहा कि ग्रामीण कार्यपालक सहायक व लेखापाल पंचायत में बहुत ही कम समय देते हैं। पूछने पर अनुमंडल में अपनी प्रतिनियुक्ति का हवाला देते हैं। इसपर डीपीआरओ ने लेखापाल व ग्रामीण कार्यपालक सहायकों को निर्देश दिया कि जिम्मेदारी से भागना उन्हें महंगा पड़ेगा। बैठक में जेई रविन्द्र सिंह, शहंशाह आलम, पंचायत सचिव नंदलाल पांडेय, राजकुमार विश्वास, नंदकिशोर प्रसाद, अरविंद कुमार, रामचंद्र काजी, रामवृक्ष पासवान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
इधर, 4 पंचायत सचिव व 8 रोजगार सेवकों पर कार्रवाई
बगहा | कोरोना वायरस के समय कार्य मे शिथिलता व अभिरुचि नहीं लेने के मामले में प्रखंड बगहा दो मे कार्यरत एक दर्जन पंचायत सचिव व रोजगार सेवको से बीडीओ प्रणव कुमार गिरी ने 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण की मांग की है। बीडीओ ने बताया कि इन सभी लोगों की पंचायतों में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटरों पर प्रतिनियुक्ति की गई थी। साथ ही उन्हें इस महामारी से निपटने के लिए लोगों को जागरूक करते हुए प्रवासी मजदूरों का समुचित ख्याल रखने का आदेश दिया गया था। इन कर्मियों ने अपने दायित्व के प्रति सजगता नहीं बरती है। इस मामले में पंचायत सचिव पारस राम, पारस यादव व पारस रावत तथा पंचायत रोजगार सेवक देवेंद्र नाग, अजय कुमार निराला, गौरीशंकर महतो, राजेंद्र प्रसाद, राजेश कुमार, संतोष कुमार एवं संजय कुमार गुप्ता से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण की मांग की गई है। बीडीओ ने बताया कि जवाब संतोषप्रद नहीं मिलने पर इन सभी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए डीएम से अनुशंसा की जाएगी।
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