प्रखंड के पांच क्वारेंटाइन सेंटरों में 326 प्रवासी मजदूरों को रखा गया है। इनमें 161 व्यक्ति रेड जोन राज्य से आए हैं। क्वारेंटाइन सेंटर पंचायत सरकार भवन कैंदी में कुल 39 लोगों में से 33 रेड जोन से आए हैं। मध्य विद्यालय परसावां क्वारेंटाइन सेंटर में कुल 78 लोगों में 47 प्रवासी रेड जोन से आए हैं।

उत्क्रमित मध्य विद्यालय शाहनगर क्वारेंटाइन सेंटर पर कुल 96 लोगों में 24 व्यक्ति रेड जोन, मध्य विद्यालय नारायणपुर में कुल 73 लोगों में 17 व्यक्ति रेड जोन के हैं। मध्य विद्यालय बिल्लो में रेड जोन से आने वाले लोगों को रखने के लिए ही क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है, उसमें कुल 40 व्यक्ति हैं। क्वारेंटाइन सेंटर पर अब शिक्षकों को सेंटर प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है।

इससे पहले मनरेगा कर्मी थे। सभी को मनरेगा कार्य में आ रही कमी को देखते हुए वहां से हटाया गया है। जिन सेंटर पर शिक्षकों द्वारा भोजन की व्यवस्था की गई है, वहां तो समय पर भोजन मिल रहा है। जिन क्वारेंटाइन सेंटरों पर शिक्षकों द्वारा भोजन की व्यवस्था नहीं कराई गई है, वहां देर से भोजन मिलने की शिकायत मिल रही है। सीओ प्रियंका राय ने बताया कि प्रतिदिन बाहर से आने वाले प्रवासी लोगों की संख्या बढ़ रही है। खाना बनाने वाले लोगों को सही संख्या मालूम नहीं हो पाती है, इसलिए भोजन में विलंब हो रहा है। जल्द परेशानी दूर की जाएगी।

रामचंद्रपुर क्वारेंटाइन सेंटर में निकला सांप

पिपरिया -माहवीर प्रसाद प्लस टू उच्च विद्यालय रामचंद्रपुर में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में रेड जोन राज्य से आए हुए 32 प्रवासी मजदूर ठहरे हैं। गुरुवार की रात इस केंद्र के पास शौचालय में विषैला सांप निकला। सांप देखने के बाद क्वारेंटाइन सेंटर में ठहरे मजदूरों के बीच कुछ देर के लिए के लिए अफरा-तफरी मच गई।

कोई भी प्रवासी मजदूर इस विषैले सांप को मारने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। इसके बाद विषैला सांप ने बाथरूम से बाहर निकलकर बगल के झाड़ी में छिप गया। सांप के जाने के बाद भी मजदूर उसके भय से रात भर सो नहीं सके और सुबह होने का इंतजार करने लगे।



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