कोरोना खौफ के कारण क्वारेंटाइन से बचने के लिए कही प्रवासी खुद को प्रशासन की नजरों से दूर बचाते व छुपाते फिर रहे है तो कही क्वारेंटाइन की इच्छा जाहिर करने पर भी प्रवासियों को घर भेज दिया जा रहा है जो गांवों में पहुंच लोगों के बीच भय व दहशत का कारण बने हुए है। ऐसा ही एक मामला छपरा सदर प्रखंड स्थित राजकीय मध्य विद्यालय चिरान्द क्वारेंटाइन सेन्टर से प्रकाश मे आया है। प्रवासी सभी कुल 12 मजदूर प्रखंड के भैरोपुर निजामत व जलालपुर पंचायतों के निवासी बताए जाते है।
जहां तीन दिन पूर्व गत 12 मई को जयपुर व महाराष्ट्र से चलकर पहुंचे इन प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग के बाद उन्हें अधिकारियों द्वारा होम क्वारेंटाइन के लिए घर जाने की अनुमति दे दी गयी। जबकि स्क्रीनिंग के बाद सभी प्रवासी कुछ दिनों तक क्वारेंटाइन में ही रहकर , घर जाने की अपनी इच्छा जाहिर कर रहे थे। बावजूद उन्हें घर भेज दिया गया जिनसे भयभीत गांवों में, लोगों की रात की नींदें अब हराम हो गई है। इस संबंध में सदर भाजपा के मंडल अध्यक्ष हरेश्वर सिंह के द्वारा कोरोना संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए सारण जिलाधिकारी को एक पत्र लिख घर भेजे गए कुल 12 प्रवासी मजदूरों को वापस पुन: क्वारेंटाइन कराए जाने की मांग की है।
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