कोरोना के संकट काल में देश की सड़कें भी मजबूर मजदूरों के खून से लाल हो रही हैं। शनिवार को महज 12 घंटे के अंदर चार दर्दनाक हादसे हुए। इनमें 34 प्रवासी मजदूरों ने जान गंवा दी। ये सभी घर पहुंचने की आस में सामान से लदे ट्रकों में भेड़-बकरियों की तरह भरे थे। किसी ने चूने के बोरों तले दबकर दम तोड़ा, तो कोई कपड़े के लट्ठों के बीच लाचार पड़ा रहा। इन हादसों में कम से कम 5 मासूमों के सिर से माता-पिता का साया भी उठ गया।
ये हादसे उत्तर प्रदेश के औरैया, आगरा और अलीगढ़ तथा मध्य प्रदेश के छतरपुर में हुए। जिंदा रहने की जद्दोजहद में पाई-पाई को मोहताज हो दर-दर भटक रहे मजदूरों के मरने पर यूपी और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने दो-दो लाख रुपए मुआवजा भी घोषित किया है।
लेकिन, लाखों बेबस मजदूर अब भी सरकारों के भरोसे बैठे रहने के बजाय जान जाेखिम में डाल लगातार चल रहे हैं। औरैया हादसे में जान गंवाने वालों में पांच बिहार के हैं। इनमें केदार यादव, पुत्र मुन्ना यादव, सत्येंद्र पुत्र मोहन, अशोक यादव पुत्र जगदीश यादव (तीनों गया के), सुशील पुत्र छोटे लाल (मोतिहारी) अर्जुन कुमार (मुजफ्फरपुर) शामिल हैं।
5 मासूमों के सिर से माता-पिता का साया छिना
- औरैया में शनिवार तड़के हाईवे किनारे खड़े ट्रक काे चूने से लदे दूसरे ट्रक ने टक्कर मारी और पलट गया। दोनों में करीब 100 मजदूर थे। 24 मारे गए। मजदूर झारखंड, बिहार, प. बंगाल के थे।
- दूसरा हादसा मध्यप्रदेश के छतरपुर में सागर-कानपुर हाईवे पर हुअा। कपड़े के लट्ठे से भरा ट्रक पलटने से 6 मजदूर मारे गए। ये लोग महाराष्ट्र से यूपी जा रहे थे। यहां 3 बच्चे अनाथ हुए।
- आगरा में एक्सप्रेस-वे पर लाेडर ने ऑटाे काे टक्कर मारी। ऑटो से बिहार जा रहे अशाेक और उनकी पत्नी मारे गए। 6 साल का बेटा बच गया। अलीगढ़ में एक मां-बेटा भी हादसे में मारे गए।
लॉकडाउन के 52 दिन में 134 मौतें, 61 जानें तो 8 दिन में गईं
- लॉकडाउन के 52 दिन में देशभर में हुए हादसों में 134 मजदूर मारे जा चुके हैं। शुरुआती 45 दिनों में 73 मजदूराें की मौत हुई थी। इसमें आैरंगाबाद ट्रेन हादसा भी शामिल है। 9 मई के बाद बीते 8 दिन में घर लौट रहे 61 मजदूर हादसों में मारे गए। यह संख्या विभिन्न हादसों और मौत को लेकर पुलिस द्वारा दर्ज केसों पर आधारित है।
कांग्रेस ने यूपी सरकार से हजार बसें चलाने की इजाजत मांगी
- कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने यूपी के सीएम को पत्र लिखकर श्रमिकों के लिए नोएडा और गाजियाबाद बाॅर्डर से 500-500 बसें चलाने की इजाजत मांगी है।
- वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि औरैया में हुई मौतें दुघर्टना नहीं, मजदूरों की हत्या है। इसी बीच, सीएम ने दो संबंधित थानों के एसएचओ को सस्पेंड कर दिया।
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