लॉकडाउन के दौरान राशन कार्डधारियों को अनाज से वंचित करने वाले जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों पर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। गरीबों की हकमारी करने आरोप में राज्य में लगभग 800 दुकानों को सील किया गया है। वहीं 259 दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा किया गया है। इसी के साथ खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों के डीएम को गड़बड़ी की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई का आदेश दिया है। सिर्फ शिवहर ही ऐसा जिला है, जहां जन वितरण प्रणाली की दुकानों में गड़बड़ी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। ज्यादातर मामले प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अनाज सेजुड़े हैं।
योजना के तहत अप्रैल से जून तक कार्डधारी परिवार को पीडीएस की दुकानों से 5 किलो चावल और 1 किलो दाल मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। इस मामले में 188 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं जबकि 150 दुकानों के लाइसेंस को रद्द किया गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन साहनी ने कहा कि लोगों द्वारा दी जाने वाली जानकारी की तत्काल जांच कराने का आदेश सभी जिलों के डीएम को दियागया है।
यहां अधिक गड़बड़ी
पटना(69), बेगूसराय(54), खगड़िया(53), बांका(49), शेखपूरा(47), सारण(44), मुजफ्फरपुर(40), बेतिया(40), अररिया (37), पूर्णिया (28), सासाराम(27), वैशाली (26), मोतिहारी(23), किशनगंज (19)
एफआईआर वाले जिले
वैशाली (26), मुजफ्फरपुर (24), सारण (24), गया (17), मोतिहारी (15), खगड़िया (15), कटिहार (14), पटना(12), जमुई (7), भोजपुर(6), नालंदा(6), नवादा(6), सासाराम(6), लखीसराय (6)।
लाइसेंस रद्द वाले जिले
सारण (43), बांका (27), मोतिहारी (12), मधुबनी (11), भोजपुर (9), पूर्णिया (7), किशनगंज (7), पटना (6), बेतिया (6), खगड़िया (5), सहरसा (5)।
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