पीपराकोठी थाना क्षेत्र के पीपराकोठी चौक पर शुक्रवार को लॉकडाउन का उल्लंघन कर चाय दुकान चलाने के आरोप में युवक की पुलिस ने निर्मम पिटाई कर दी। इसके विरोध में जमकर हंगामा करते हुए लोगों ने पुलिस की ज्यादती के खिलाफ एएच-42 व एनएच-27 को जाम कर दिया और धरना पर बैठ गए।
बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधि व पुलिस के बीच वार्ता तथा सदर एसडीपीओ अरुण कुमार गुप्ता के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। इस दौरान पीपराकोठी चौराहा से गोपालगंज, रक्सौल व मुजफ्फरपुर की तरफ जाने वाली सड़कों पर सैकड़ों गाड़ियों का तांता लग गया। जिससे आवागमन चार घंटे से अधिक तक बाधित हो गया। बताया जाता है कि शुक्रवार की सुबह पीपराकोठी स्थित आईसीएआर भवन के मुख्य द्वार पर चाय दुकानदार थाना क्षेत्र के बरकुरवा गांव निवासी राकेश सिंह अपनी दुकान पर था। इस दौरान जमादार श्रीनिवास राम वहां पहुंचकर राकेश सिंह की पिटाई कर दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में पुलिस ने उसका इलाज करवाया।
सादे कागज पर कराया हस्ताक्षर
पुलिस ने थाने पर राकेश के खून लगे कपड़े को निकलवा दिया और उसे तब तक रोके रखा जब तक उसने एक सादा कागज पर हस्ताक्षर नहीं किया। हस्ताक्षर कराने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। मारपीट व सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए जाने की जानकारी जैसे ही गांव वालों को मिली कि लोग आक्रोशित हो उठे तथा चौक पर जमा होने लगे। इस दौरान लोगों ने चौक पर जम कर हंगामा किया और मुख्य चौराहा पर आकर सुबह छह बजे एएच-42 व एनएच-27 को जाम कर दिया। इससे तीनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इस क्रम में आक्रोशित दोषी पुलिसकर्मी के निलंबन की मांग कर रहे थे।
सदर एसडीपीओ ने दोषी पर कार्रवाई की बात की
सड़क जाम के करीब चार घंटे बाद स्थानीय मुखिया रविन्द्र सहनी, भाजयुमो के प्रखंड अध्यक्ष राजू सिंह, पुजेश श्रीवास्तव, सुनील पटेल व थानाध्यक्ष संजीव कुमार के बीच हुई वार्ता के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ। बताया जाता है कि वार्ता के क्रम में सदर एसडीपीओ अरुण कुमार गुप्ता ने आश्वासन दिया कि जमादार श्रीनिवास राम को शाम तक पीपराकोठी थाना से हटा दिया दिया जाएगा। इसके अलावा घायल राकेश सिंह के द्वारा दिए गए आवेदन पर घटना में दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज करने का आश्वासन दिया। तब आक्रोशित लोग मान गए।
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