कोरोना संक्रमण के दौरान आरोग्य सेतु एप के लांच होने के कुछ ही समय में किशनगंज जिले के एक लाख छह हज़ार लोगों ने इसे डाउनलोड किया है। वर्तमान में किशनगंज जिले की जनसंख्या लगभग 24 लाख है। ट्राई की एक रिपोर्ट के अनुसार देश के कुल मोबाइल धारकों में औसतन 30 फीसदी लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं।
ट्राई की ही एक अन्य रिपोर्ट कहती है कि बिहार में कुल जनसंख्या के 76 फीसदी लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। इस लिहाज से किशनगंज जिले के अनुमानित 18 लाख मोबाइल उपभोक्ता में 30 फीसदी अर्थात 5.4 लाख लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं।
बावजूद इसके कोरोना संक्रमण के दौर में आरोग्य सेतु एप के उपयोग के प्रति जागरूकता नहीं देखी जा रही। 16 मई के दिन जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों से 10 किमी की परिधि के अंतर्गत सिर्फ 46,000 लोग ही आरोग्य सेतु एप का उपयोग करते पाए गए।
क्यों ज़रूरी है आरोग्य सेतु एप
यह एप लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे का आकलन करने में मदद करता है। इसकी खास बात यह है कि ये आपके आसपास मौजूद पॉजिटिव लोगों के बारे में पता लगाने में मदद करेगा। इस एप से यह जानकारी मिल जाती है की आप खुद कितने स्वस्थ है।
कंटेन्मेंट ज़ोन में भी कम यूजर
आरोग्य सेतु एप के किशनगंज कंटेन्मेंट ज़ोन में भी काफी कम यूजर देखे गए है। शनिवार को किशनगंज डे मार्केट से 2 किमी की परिधि के शहरी क्षेत्र में सिर्फ 3209 यूजर इस एप का इस्तमाल करते पाए गए। यह हालात तब है जब शहरी क्षेत्र से संबंधित कुल तीन कोरोना संक्रमित मरीज़ फिलहाल इलाजरत है।
किशनगंज के सॉफ्टवेयर इंजीनियर फिरहाद आलम ने बताया कि शनिवार को आरोग्य सेतु एप पर उपभोक्ता को यह बताया जा रहा था कि आप सेफ ज़ोन में है, जबकि एप पे यह दर्शाना चाहिए कि तीन मरीज़ आपसे 10 किमी की परिधि में उपस्थित है और आप हाई रिस्क ज़ोन में है। फिरहाद बताते है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि लोगों ने एप तो डाउनलोड कर लिया लेकिन फोन पर इंटरनेट या जीपीएस तथा ब्लूटूथ ऑन नहीं रखते। उन्होंने बताया कि एप पर सही जानकारी के लिए ऐसा करना अनिवार्य है।
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