रामा सिंह के राजद में एंट्री नहीं होने और रघुवंश प्रसाद के इस्तीफे पर जदयू ने तेजस्वी यादव पर तंज कसा है। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि रघुवंश के इस्तीफे से 'युवराज' डर गए हैं। डर से तेजस्वी को अपना फैसला बदलना पड़ा है। रघुवंश प्रसाद भी दोहरे मानदंडों पर चल रहे हैं लेकिन, राजनीति में दोहरा चरित्र नहीं चलता है। राजीव रंजन ने कहा कि तेजस्वी के लिए मुश्किल हालात हैं। पांच एमएलसी के राजद छोड़ने के बाद पार्टी में खलबली मची है। तेजस्वी के नेतृत्व को लेकर महागठबंधन के अंदर दलों के बीच नाराजगी है। इसी वजह से तेजस्वी ने घुटने टेक दिए हैं।
क्लीन बोल्ड हो गए तेजस्वी: भाजपा
भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि तेजस्वी अभी हाथ पैर मार रहे हैं। उन्होंने रामा सिंह को पार्टी में लाने के लिए रघुवंश प्रसाद जैसे सीनियर लीडर को दरकिनार कर दिया। यह वजह है कि रघुवंश प्रसाद को सीधे लालू से बात करनी पड़ी और तेजस्वी इसमें क्लीन बोल्ड हो गए।
पार्टी में कोई विवाद नहीं: राजद
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि पार्टी में कोई विवाद नहीं है। चुनावी साल है और सभी लोग राजद में आना चाहते हैं। अब कौन आएंगे और कौन नहीं आएंगे यह तो पार्टी का शीर्ष नेतृत्व फैसला करेगा। विरोधी दल हमारे खिलाफ हौवा खड़ा कर रहे हैं।
रामा सिंह को पार्टी में लाने से नाराज है रघुवंश
रामा सिंह को पार्टी में लाने को लेकर रघुवंश प्रसाद ने 23 जून को इस्तीफा दे दिया था। उस वक्त यह चर्चा थी कि 29 जून को रामा सिंह राजद में शामिल हो सकते हैं। लेकिन, लालू ने इसमें दखल दिया और तेजस्वी को फैसला बदलना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक चुनावी साल में राजद कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है और यह वजह है कि रामा सिंह की राजद में एंट्री फिलहाल टाल दी गई है।
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