बोरिंग रोड स्थित विंध्याचल अपार्टमेंट के एक फ्लैट से पकड़े गए जालसाजों के गिरोह की कमाई का मुख्य जरिया नीट, नीट पीजी, एम्स पीजी और एआईईईई ही है। जून-जुलाई में एम्स पीजी की परीक्षा हुई थी। उससे पहले जनवरी में नीट पीजी की। पुलिस को जानकारी मिली है कि अतुल वत्स और उज्ज्वल के गैंग ने एम्स पीजी की परीक्षा में भी धांधली की थी। दिल्ली, बिहार, हरियाणा, सोनीपत के कई सेंटर पर फर्जीवाड़ा किया। फिलहाल पुलिस इन तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस ने उनसे नीट पीजी के बारे में पूछताछ की है। साल 2017 में दिल्ली पुलिस ने पीएमसीएच से रेडियोलॉजी विभाग से डॉक्टर जॉन उर्फ राजीव रंजन को गिरफ्तार किया था। जॉन पर नीट पीजी में फर्जीवाड़ा कर एडमिशन लेने का ही आरोप था। पुलिस डॉक्टर जॉन का पता लगा रही है। उससे भी पूछताछ हो सकती है।
रांची में मॉल बनवा रहे अतुल और उज्ज्वल
अतुल और उज्ज्वल आपस में अच्छे मित्र हैं और दूर के रिश्तेदार भी हैं। फर्जीवाड़ा कर दोनों ने अकूत संपत्ति अर्जित की है। इसी साल दोनों ने रांची में जमीन ली है और उस पर पार्टनरशिप में मॉल बनवा रहे हैं। पुलिस ने उज्ज्वल के पास से जब्त सारे बैंक अकाउंट को फ्रीज करवा दिया है। खातों की जांच की जा रही है। दोनों ने सोना में लाखों रुपए इंवेस्ट किया है। एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने कहा कि शातिरों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
गर्लफ्रेंड के खाते पर भी मंगवाता था पैसे
उज्ज्वल अय्याश किस्म का है। बोरिंग रोड के जिस अपार्टमेंट से वह गिरफ्तार हुआ वहां उसकी गर्लफ्रेंड का आना-जाना लगा रहता था। पुलिस उसकी गर्लफ्रेंड के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। शातिर अपने गर्लफ्रेंड के खाते भी पैसे मंगवाता था। पुलिस को गर्लफ्रेंड के खाते के बारे में भी जानकारी मिली है। उसकी छानबीन भी की जा रही है।
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