विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की संस्कृति को विकसित करके समाज में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार का संस्कृति मंत्रालय बोधगया में सब-रिजनल साइंस सेंटर का निर्माण करवा रहा है। इसमें साइंस सेंटर, साइंस पार्क के अलावा इनोवेशन हब होगा। इसे केंद्र सरकार का नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम बनवा रहा है और काम लगभग 95 फीसदी पूरा हो चुका है।
इसके लिए बिहार सरकार का विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग ने 07 एकड़ जमीन हस्तांतरण कर दिया है। यह भूखंड नोड एक के पास सुजाता बाइपास पर पुराने बीज गुणन प्रक्षेत्र में है। इसी परिसर में 05 एकड़ में साइंस सेंटर लगभग पूरा हो चुका है और दो एकड़ में प्लेनेटोरियम बनेगा, जो टेंडर की प्रक्रिया में है।
परियोजना से जुड़े सव्यसाची दत्ता ने बताया कि साइंस सेंटर पर 04 करोड़ 13 लाख खर्च होना है। साइंस सेंटर एक हैंड्स-ऑन दृष्टिकोण पर जोर देता है, जिसमें इंटरैक्टिव प्रदर्शन होते हैं व आगंतुकों को प्रयोग करने और खोज के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वर्कशाॅप की सुविधा के अलावा छात्र खुद से वैज्ञानिक माॅडल भी बना सकता है।
नए विचारों को पोषित करेगा हब: नए विचारों को पोषित करने और आज के युवाओं में जिज्ञासु दृष्टिकोण विकसित करने के लिए भवन के उपरी तल्ले पर इनोवेशन हब बनाया गया है। इसमें डिस्कवरी हाॅल, इनोवेशन रिसोर्स सेंटर, आइडियाज लैब व डिजाइन स्टूडियो होगा। इनोवेशन हब युवाओं को नवीन और रचनात्मक गतिविधियों में लगाएगा। हब नए विचारों और नवाचार के लिए स्प्रिंगबोर्ड के रूप में काम करेगा और समाज और अर्थव्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और बढ़ती आबादी की बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करेगा।
विज्ञान पार्क बनेगा
परिसर में विज्ञान पार्क भी बनेगा। विज्ञान पार्क आमतौर पर शैक्षणिक संस्थानों और बड़ी संख्या में तकनीकी कंपनियों को आकर्षित करते हैं। इसमें प्रोजेक्टर सहित कई माॅडल रहेगें, जिनसे विज्ञान की बारीकियों को आसानी से समझाया जा सकता है। साइंस पार्क का मुख्य उद्देश्य आईटी, एआई, मशीन लर्निंग, बायोटेक, वर्चुअल रियलिटी, रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में व्यवसाईयों, उद्यमियों, स्टार्ट- अप और समुदायों के लिए विकास को सुविधाजनक बनाना है।
140 करोड़ से बनेगा प्लेनेटोरियम
बोधगया में दो एकड़ में 140 करोड़ से प्लेनेटोरियम प्रस्तावित है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू होना है। इसमें 300 लोगों के बैठकर शो देखने की क्षमता होगी। प्लेनेटोरियम हमें अनंत ब्रह्मांड के आश्चर्य से रूबरू करेगा। खगोल विज्ञान और रात के आकाश के बारे में शैक्षिक और मनोरंजक शो पेश करने या आकाशीय नेविगेशन में प्रशिक्षण भी देगा। इसकी प्रमुख विशेषता एक बड़े गुंबद आकार की छत है, जो एक प्रक्षेपण स्क्रीन के रूप में कार्य करती है। इस पर तारों, ग्रहों और अन्य खगोलीय वस्तुओं के दृश्य दिखाई देते हैं।
साइंस म्यूजियम का महत्व
नेशन कौंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम संस्कृति मंत्रालय की एक स्वायत्त संस्था है। मुख्य रूप से विज्ञान केंद्रों के एक नेटवर्क के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी को लोकप्रिय बनाने में लगा है। मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी से ग्रामीण स्कूलों और सार्वजनिक और छात्रों के लिए गतिविधियों की बढ़ावा देता है।
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