श्रीराम विवाह महोत्सव...। सुगंधित फूलों से सजा विवाह मंडप...। चांदी की चौकी पर विष्णुचरण व रामायण...। एक ओर विवाह के गीत तो दूसरी ओर अटूट बंधनों के मंत्र...। रंग-बिरंगी जगमग लाइटें...। यह दृश्य शनिवार को विष्णुपद में श्रीराम विवाह महोत्सव में दिखा। हर एक प्रभु श्रीराम के भक्ति में डूबा रहा। विवाह को लेकर विष्णुपद की रौनक देखते बन रही थी। बता दें कि कड़ाके की पड़ रही ठंड में भी गर्भगृह के बाहर सभामंडप में महिलाएं विवाह से जुड़ी गीत गाती दिखीं। वर व वधु पक्ष अपने-अपने स्तर से विवाह से जुड़ी रस्में कर रहे थे।
रात्रि करीब 07:00 बजे से प्रभु श्रीराम और माता जानकी का विवाह महोत्सव शुरू हुआ। आचार्य मुरली प्रपन्नाचार्य के नेतृत्व में पांच ब्राह्मण रामाचार्य जी महाराज, विष्णुकांत जी आदि ने मंत्रोच्चार के साथ शादी की प्रक्रिया पूरी कराई। पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच समिति की ओर से प्रसाद का वितरण किया गया। इस बार वर पक्ष में आचार्य मुरली और वधु पक्ष में अवधेश मिश्रा थे।
भंडारा व दरिद्रनारायण भोज का कार्यक्रम लॉक
विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के सचिव गजाधरलाल पाठक ने बताया कि कोविड 19 के कारण इस बार चार नहीं दो दिवसीय कार्यक्रम रखा गया। भंडारा व दरिद्रनारायण भोज लॉक रहा। मौके पर विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के कोषाध्यक्ष कन्हैया लाल चौधरी, सदस्य महेश लाल गुप्त, शंभुलाल विट्ठल, बच्चु लाल चौधरी, मुन्ना लाल गुर्दा, विवेक लाल भईया, गौतम गायब, रामनाथ विट्‌ठल, दीपक हल आदि मौजूद थे।

झांकी के साथ निकली भगवान की बारात
कोंच प्रखंड के परसामा पंचायत के मुरैरा गांव में शनिवार को विवाह पंचमी पर ग्रामीणों द्वारा भव्य जुलूस व झांकी के साथ श्रीराम जी की बारात निकाली गई। बता दें कि हर साल विवाह पंचमी के दिन स्वामी धरणीधराचार्य जी महाराज का जन्म उत्सव भी यहां मनाया जाता है। इस अवसर पर स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज द्वारा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। आज पांचवां दिन है।

गुरारू में श्रीराम को कराया गया नगर भ्रमण
गुरारू बाजार के सब्जी मार्केट में शनिवार को सीता राम विवाहोत्सव कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान श्री राम, लक्ष्मण व सीता को नगर भ्रमण कराया गया। हनुमान मंदिर से बाजार की सभी प्रमुख सड़कों पर शोभा यात्रा गुजरी। बैंड-बाजे की धुन पर जय श्री राम के नारों के साथ श्रद्धालु झूमते रहे। श्रीराम, सीता लक्ष्मण व हनुमान बने बच्चे काफी आकर्षक लग रहे थे। शोभायात्रा के बाद मटकोर और मंडपछादन की रस्म पूरी की गई। इस दौरान भंडारे में काफी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण की। रात में ग्रामीणों ने अरुण शास्त्री के प्रवचन का आनंद लिया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Artists took out tableaux in the garb of God, celebrating Shriram Marriage Festival

Post a Comment