शहर के स्टेशन रोड स्थित गुरुद्वारा श्री गुरू सिंघ सभा में शनिवार को सिखों के नौवें गुरू तेग बहादुर जी का 345 वां शहीदी गुरु पर्व मनाया गया। सर्वप्रथम सुबह में सलोक महला नौवां का पाठ किया गया, साथ ही 17 दिसंबर से चल रहे श्रीगुरू ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का समापन सुबह 11:30 बजे किया गया। अखंड पाठ के बाद कीर्तन का दरबार सजा।
पटना साहिब से आए रागी जत्था भाई नविन्दर सिंह, भाई दिलीप सिंह व भाई सुखवंत सिंह ने संयुक्त रूप से एक से बढ़कर एक कीर्तन गाकर संगत को नेहाल किया। वहीं गुरू के शब्द एवं वाणी से सभी संगत को निपुण किया गया। दोपहर करीब 02:15 में कीर्तन की समाप्ति हुई, फिर सभी के लिए अरदास हुई। अरदास में विश्व को कोरोना महामारी से जल्द से जल्द निजात दिलाने के लिए गुरू से प्रार्थना की गई।
शहीदी दिवस पर गुरू का चला अटूट लंगर
हिंद की चादर गुरू तेग बहादुर जी का शहीदी पर्व पर गुरू का अटूट लंगर भी चला। कोरोना वायरस के दौर में यह दूसरा लंगर है, जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने लंगर में प्रसाद चखा। इसके पूर्व शहीदी पर्व को लेकर गुरुद्वारा में विशेष सजावट की गई थी। श्रद्धालुओं ने गुरू के सामने मत्था टेक प्रार्थना की।
धर्म की रक्षा के लिए दिया है प्राण
गुरुद्वारा श्री गुरू सिंघ सभा के उपाध्यक्ष रौनक सिंह सेठ ने बताया कि धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान गुरू तेग बहादुर जी ने दिया है। हर वर्ष उनके इस बलिदान को सिख समुदाय के लोग शहीदी दिवस के रूप में मनाते आ रहे है। शहीदी दिवस पर कोरोना गाइड लाइन का पालन किया गया।
रात्रि में दिखाई गई ‘गुरु का बंदा’ फिल्म
शहीदी दिवस पर रात्रि 07:00 बजे से इतिहास से जुड़ी “गुरू का बंदा’ फिल्म दिखाई गई। संगत के बीच चाय, पकौड़ी एवं कॉफी की सेवा दी गई। इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार भगवान सिंह, सचिव शरब सिंह, खजांची सरदार भूपेंद्र सिंह, मन्ना सिंह, जसवंत सिंह, मनजीत सिंह छाबड़ा, सुनील छाबड़ा, हिसुआ संगत के महंत अर्जुन दास, पिंकी कौर, संध्या कौर के अलावे काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
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