सूबे में एक करोड़ चौसठ लाख किसानों का निबंधन कराया गया है। यहां की वर्तमान सरकार द्वारा किसानों को बिचौलियों, दलालों, कमीशन एजेंटों से मुक्त कराया गया है। पीएम किसान निधि के तहत कांग्रेस की सरकार द्वारा 53 हजार करोड़ रुपया कृषि ऋण माफ किया गया था वहीं केंद्र की मोदी सरकार द्वारा 12 करोड़ किसानों को 75 हजार करोड़ रुपया अनुदान दिया गया है।
ये बातें शुक्रवार को मानपुर में भाजपा कार्यालय में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम व राज्य सभा सदस्य सुशील मोदी ने कही। बताया किसान आंदोलन के नाम पर विपक्षी दल विशेषकर कांग्रेस,वामपंथी व टुकड़े टुकड़े गैंग के लोग देश को अस्थिर करना चाह रहे हैं। जिसे बिहार के किसानों ने पूरी तरह से नकार दिया है। और केंद्र की मोदी सरकार पर अपनी आस्था जताई है।

प्राकृतिक आपदाओं में राज्य की एनडीए सरकार कृषि इनपुट योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 54 लाख किसानों को 2 हजार 178 करोड़ रुपया अनुदान दिया है। बिहार के किसान अपने भविष्य को लेकर निश्चिंत हैं, विपक्ष के बहकावे में नही आये हैं। श्री मोदी ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद विपक्ष हताश हो गया है।

किसान आंदोलन के नाम पर विपक्षी दलों द्वारा बुलाये गये भारत बन्द में नेता प्रतिपक्ष ही गायब हो गए। मौके पर पूर्व कृषि मंत्री व नगर विधायक डॉ. प्रेम कुमार, जिलाध्यक्ष धनराज शर्मा, नगर भाजपा मण्डल अध्यक्ष बाला सिंह, सुरेंद्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष जैनेन्द्र शर्मा, मनोज शर्मा, हैप्पी सिंह, दीपेंद्र सिंह, पार्षद मनोज कुमार, आयुष सिंह, मीडिया प्रभारी युगेश कुमार, प्रकाश राम पटवा, दुखन पटवा, पुष्पेन्दू पुष्प, प्रमोद कुमार चौधरी, विक्की साहनी, दिलीप साहनी व अन्य थे।

एनडीए की मोदी सरकार ने कृषि बजट एक लाख 34 हजार करोड़ किया

गया शहरी विधान सभा मे किसान सम्मेलन को आयोजन धर्म सभा भवन में किया गया। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री सह संसद एवं बिहार प्रदेश प्रभारी हरीश द्विवेदी ने कृषि कानून को लेकर बताया। पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा 2009-10 में यूपीए सरकार के समय कृषि बजट 12 हज़ार करोड़ को बढ़ाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक लाख 34 हज़ार करोड़ रुपए किया है।

किसान सम्मान निधि योजना में आज तक 92 हज़ार करोड़ किसानों के खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर किए गए। मोदी सरकार के द्वारा 10 हज़ार नए एफपीओ पर 6.850 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। आत्म निर्भर पैकेज के तहत कृषि क्षेत्र के लिए 1 लाख करोड़ की घोषणा की गई है। मोदी सरकार ने स्वामीनाथन कमिटी की रिपोर्ट लागू कर उत्पादन लागत पर एमसपी को बढ़ाकर डेढ़ गुना किया है।

प्रधानमंत्री किसान मानधन के तहत किसानों को 60 वर्ष की आयु होने पर न्यूनतम 3000 रुपये का पेंशन का प्रावधान है। मोदी सरकार द्वारा 6 वर्ष में 7 लाख करोड़ रुपए एमएसपी का भुगतान किया जा चुका है जो यूपीए सरकार से दोगुना है। इस दौरान कंचन कुमार, रामनंदन सिंह, ललिता सिंह, सहलाल सिद्दीकी, राजेन्द्र प्रसाद, प्रमोद कुमार चौधरी, ज़िला मंत्री संतोष ठाकुर, पप्पू चंद्रवंशी, राजनंदन गांधी, द्वारिकाधीश प्रसाद सिन्हा, शंभु यादव ,बंटी वर्मा, ऋषि लोहानी, करुणा आदि मौजूद थे।



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Congress in the name of farmer movement, piecemeal gang trying to destabilize country: Sushil Modi

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