गुरुवार को नप के सभागार में नप बोर्ड की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के प्रारंभ होते ही वार्ड 15 के पार्षद महारानी देवी ने उनकी ओर से 25 सितंबर व 17 नवंबर की बैठक में लिए गए निर्णय की कॉपी उपलब्ध नहीं करवाए जाने पर आपत्ति जताई। नप के ईओ की ओर से सशक्त स्थाई समिति के निर्णय की कॉपी बोर्ड के सदस्यों को उपलब्धता करवाने की परिपाटी नहीं होने की बात बतलाई गई।
साथ ही कर्मी उदय चंद्र झा को उक्त बैठकों में शामिल किए गए एजेंडा को पढ़कर सुनाए जाने का निर्देश दिया गया। उदयचंद्र झा ने एजेंडे को पढ़कर सुनाया। वहीं आवास योजना के प्रस्ताव पर तकरीबन 45 मिनट तक सदस्यों के बीच चर्चा होती रही। चर्चा बीच-बीच मे उग्र होते भी दिखे गए।
डीपीआर में नाम बदले जाने पर हुई तकरार
डीपीआर में शामिल लाभुकों के नाम पर काफी देर तक बहसा-बहसी होती रही। इस दौरान ईओ की ओर से डीपीआर में बोर्ड व सशक्त स्थाई समिति के ओर से दिए गए सूची को ही शामिल किए जाने की बात बतलाई गई। इस बात पर सुभाष मिश्रा व मनीष कुमार सिंह ने विरोध जताते हुए बोर्ड व सशक्त से पास सूची को रास्ते मे ही बदल लिए जाने की बात बतलाई। साथ ही इन्होंने बताया कि विभाग से आई हुई सूची में व्यापक तौर पर बदलाव कर दिया गया है। ईओ ने सदन को जबाब देते हुए कहा कि 22 दिसंबर तक सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा।
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