जमीनी रार को खत्म करने की तमाम समाधान की कोशिशें नफरत, गुस्सा व तनाव के मजबूत गठजोड़ के आगे बेबस हैं। मामूली जमीनी विवाद में तिल का ताड़ बनाकर अपनों का ही खून बहाया जा रहा है। कुछ महीनों पहले हद तो तब हो गई। जब कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के ढेका गांव के एक ही परिवार के कुछ लोग मिलकर आपसी जमीनी विवाद में मार पीट कर परिवार के ही अखिलेश सिंह को मार मार कर अधमरा कर दिए ।
इलाज के दौरान ही जख्मी का मौत हो गया। इस तरह की ही जमीनी विवाद से संबंधित एक और खबर पीछे तीन दिन पहले डुमरांव थाना क्षेत्र के एकाैनी गांव में प्रकाश में आया था। जिसमे दोनों पड़ोसी आस में मार पीट कर एक दूसरे को जख्मी कर लिए है। ऐसी कई घटाएं अनुमंडल के थानों में पड़ी हुई है। परन्तु निष्पादन एका-दुका का ही हो रहा है। फरियादियों का कहना है सप्ताह के शनिवार को सीओ और थानाध्यक्ष के स्वनिध्य में जनता दरबार लगाने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया है। परन्तु सीओ और थानाध्यक्ष की लापरवाही के कारण कई छोटे और गम्भीर मुद्दे अभी तक पेंडिंग पड़े हुए है।
अनुमंडल क्षेत्र में भूमि विवाद के चलते होने वाले खून खराबे को रोकने के लिए जिलाधिकारी की पहल पर भूमि विवाद निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें अब तक पांच सौ से अधिक मामले मौके पर पहुंच टीमों द्वारा सुलझाए जा चुके हैं। राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार मामलों को सुलझाने में लगी हुई हैं। हर वारदात में एक और बात साफ हो कर बाहर आती है। वह है राजस्व व पुलिस के कर्मचारियों द्वारा जांच के नाम पर मामलों को उलझाने की प्रवित्त व हीला हवाली। शिकायत के साथ अगर कार्रवाई शुरू हो जाय तो मामूली विवाद शायद ही बड़ी घटना की शक्ल अख्तियार करें।
कहते है एसडीपीओ
^ एसडीपीओ ने कहा कि छोटे मामलों में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिनके समय पर ध्यान नहीं देने पर मामूली बात बढ़कर बड़ी घटना का रूप धारण कर लेती हैं।
होगी सख्त कार्रवाई
^जिस गांव व क्षेत्र में भूमि विवाद के चलते आपराधिक घटनाएं होगी। उस क्षेत्र के राजस्व कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी और कार्रवाई भी होगी।
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