नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस) -5 के आंकड़ों के अनुसार 15 साल या इससे अधिक उम्र के लोगों में हाई शूगर के मरीज पटना में सबसे ज्यादा हैं। यहां 19.9% पुरुष हाई शूगर के मरीज हैं। जबकि मुजफ्फरपुर में 16.4% और भागलपुर में 16.3% पुरुष हाई शूगर से जूझ रहे हैं। महिलाओं का आंकड़ा भी पुरुषों से कम नहीं है।
पटना में 17.1 प्रतिशत महिलाएं, मुजफ्फरपुर में 12.4% और भागलपुर में 15.6 % महिलाएं हाई शूगर के मरीज हैं। हाईबीपी के मरीजों की संख्या मुजफ्फरपुर के पुरुषों में सबसे अधिक है। यहां के 24% लोग हाई बीपी के शिकार हैं। जबकि भागलपुर और पटना का आंकड़ा लगभग बराबर है। पटना में 14.8 तो भागलपुर में 14.7% लोग हाई बीपी के मरीज हैं।
पटना से ज्यादा भागलपुर के लोग पीते हैं शराब, तंबाकू खाने में मुजफ्फरपुर आगे: एनएफएचएस-5 के अनुसार पटना में 15 साल से ऊपर उम्र के 21% लोग शराब पीते हैं। जबकि भागलपुर में 21.2% लोग शराब पी रहे हैं। मुजफ्फरपुर का आंकड़ा सबसे कम है, यहां 11.2% लोग शराब पी रहे हैं। वहीं, पटना में 15 साल या इससे ऊपर की उम्र में 0.4% मुजफ्फरपुर में 0.5% और भागलपुर में 0.2% महिलाएं शराब पी रही हैं। मुजफ्फरपुर में 51.5%, पटना में 39.9% पुरुष और क्रमश: 7.2% व 2.1 % महिलाएं भी किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करती हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस में आगे भागलपुर, पटना पीछे
घर के सदस्यों का हेल्थ इंश्योरेंस लेने में भागलपुर के लोग आगे हैं, जबकि राजधानी पटना के लोग पीछे हैं। पटना में 10.2 प्रतिशत लोगों ने ही हेल्थ इंश्योरेंस लिया है जबकि भागलपुर के 16.3 प्रतिशत लोगों ने घर के सदस्यों का हेल्थ इंश्योरेंस लिया है। वहीं मुजफ्फरपुर के 13.2 प्रतिशत लोगों ने हेल्थ इंश्योरेंस लिया है। राज्यभर में 14.6 प्रतिशत लोग ही हेल्थ इंश्योरेंस लिए हुए हैं।
5 साल तक के बच्चों में मोटापे की समस्या भागलपुर में ज्यादा
पांच साल तक के बच्चों में मोटापे की समस्या भागलपुर में सबसे ज्यादा है। यहां के 2.8% बच्चे ओवरवेट हैं। जबकि 2015-16 में 1.4 % बच्चे ही मोटापे की समस्या से ग्रसित थे। पटना और मुजफ्फरपुर में बच्चों में मोटापे की समस्या लगभग बराबर है। पटना के 1.4% बच्चे पांच साल की उम्र में ओवरवेट हो रहे हैं जबकि मुजफ्फरपुर के 1.9 प्रतिशत बच्चे ओवरवेट हैं।
सभी जिलों में वर्ष 2015-16 के मुकाबले बच्चों में मोटापे की समस्या बढ़ी है। हालांकि उम्र के अनुसार बच्चों में (स्टंटिंग) नाटापन में कमी आई है। पटना में पांच साल तक के बच्चों में उम्र के हिसाब से स्टंटिंग (43.5%) से घटकर 34.5% हो गई है। वहीं मुजफ्फरपुर में (47.9%) से घटकर 42.6% और भागलपुर में 46.6% से घटकर 40% पर पहुंचा है।
वहीं पांच साल में कुछ बच्चों के लंबाई के अनुपात में वजन भी बढ़ा है। बीते सर्वेक्षण में यह आंकड़ा 0.9 था जो बढ़कर 1.4% हो गया है। वहीं लंबाई के अनुपात में कम वजन वाले बच्चों का आंकड़ा 39.6 फीसदी हो गई है।
15 से 19 साल की 62.8 प्रतिशत महिलाएं एनिमिक
एनएफएचएस के पिछले सर्वे में पटना में 15 से 19 साल की महिलाओं में 57.2 प्रतिशत महिलाएं एनिमिक थी, जबकि 2019-20 में यह बढ़कर 62.8प्रतिशत हो गया है। मुजफ्फरपुर और भागलपुर में भी एनिमिक महिलाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। मुजफ्फरपुर में 66.1 प्रतिशत महिलाएं 15-19 साल तक की उम्र में एनिमिक हैं, जबकि भागलपुर में 73.9 प्रतिशत महिलाएं खून की कमी की बीमारी से जूझ रही हैं।
इंटरनेट- इलेक्ट्रिक का इस्तेमाल करनेवाले लोगों की संख्या बढ़ी
सर्व के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में इलेक्ट्रिक, इंटरनेट का इस्तेमाल भी बढ़ा है। 2019-20 में, 20.6% महिलाएं और 43.6% पुरुष इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी तरह से इलेक्ट्रिक के इस्तेमाल करने वाले की संख्या 2015-16 में 60% थी जो 2019-20 में बढ़कर 96.3% हो गई है। पटना में 99% लोग बिजली का उपयोग कर रहे हैं। पश्चिम चंपारण में 2015-16 में 47.2 प्रतिशत लोग इलेक्ट्रिक सिटी का इस्तेमाल करते थे, वही पर 2019-20 में ये संख्या बढ़कर 93.5 हो गई है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
إرسال تعليق